मौसी की चुदाई – Incest Sex Stories
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मौसी के घर गर्मी की छुट्टी
मेरा नाम लव है।
ये कहानी तब शुरु हुई जब कुछ साल पहले मै गर्मी के छुट्टियों में अपने मौसी के घर गया था।
उस समय मेरी उम्र 20 साल थी। मेरा एक मौसेरा भाई है उसका नाम सनी है वो उस समय 18 साल का था।
वहा मौसा मौसी सब रहते हैं।
मेरे मौसेरे भाई के बगल के घर उसके चचेरे अंकल का था।
जहां उसकी दो बुआ और एक चाचा रहता है उसके मम्मी पापा बाहर अपने बड़े बेटे के पास रहते हैं।
उसकी बड़ी बुआ जिसका नाम सुरभि था वो शादी सुदा थी और एक 8 महीने का बेटा था उनका, उनकी उम्र 27 साल होगी।
छोटी बुआ शिल्पी की उम्र 18 साल होगी वो 12वी मे पढ़ती थी।
छोटे चाचा की शादी हो गई थी और बच्चा होने वाला था।
तो कहानी तब शुरू हुई जब छोटे चाचा की वाइफ का बच्चा होने वाला था मायके में तो चाचा चाला गया।
अब उसके घर में केवल दोनो बहने और बच्चा ही थे।
तो बुआ ने सनी और मुझे सोने के लिए बुलाया रात को, हम उसके घर चले गए और सो गए।
अगले दिन दोपहर मे उसने फोन कर बुलाया की वो नहाने जा रही है तो उसके बच्चे के साथ रहो क्योंकि उसकी बहन भी पढ़ने गई थी।
हम उसके घर पहुंच उसके बच्चे के साथ खेलने लगे वो नहाने चली गई।
कुछ देर में वो नहाकर निकली उसने साड़ी पहन रखा था। वो काफी हॉट लग रही थी।
वो काफी सुंदर थी, मोटे होंठ, बड़े बड़े बूब्स मोटी गांड़ मांसल बदन किसी पर भी बिजली गिरा सकते थे।
मै उसे देखता ही रह गया।
हम उसके बच्चे को गुद गुदी कर रहे थे वो खूब किलकारी मार हंस रहा था।
बुआ: क्या कर रहे हो।
सनी: दिख नही रहा इसे गुद गुदी करने से कितना हसी आता है।
बुआ: हां इसे खूब हसी आती है।
सनी: अब बउआ को बहुत हंसा लिया अब उसकी मम्मी की बारी।
इतना कह वो बुआ को गुद गुदी करने लगा उसके पेट पर उसके कांख पर उसके पैरों में।
उन दोनों मे मजाक चलता रहता था।
सनी: आप भी करो।
मै शर्मा रहा था।
बुआ अब मुझे गुदगुदी करने लगी मै भी उनके गर्दन के पास गुदगुदी करने लगा।
कुछ देर हम एक दुसरे को गुद गुदाते रहे।
अब उसका बच्चा रोने लगा तो वो हमारे सामने ही नीचे बैठ अपनी बाई चूंची निकाल उसे दूध पिलाने लगी ।
हम बेड से उसकी चूचियां घूर रहे थे उसके चूंची पर एक तिल था।
बुआ:(हस्ते हुए) क्या देख रहे हो तुम दोनो।
सनी: क्या देखेंगे जो तुम दिखा रही हो देख रहे हैं,।
बुआ: और तुम क्या देख बाबू साहब।
मै: (हड़बड़ाते हुए) बुआ आपके वहा पर तिल है।
बुआ: (हस्ते हुए) हां तिल है।
सनी: साला तिल भी क्या किस्मत लेकर पैदा हुआ है कहा जा कर बैठा है।
सभी हंसने लगे।
बुआ: मेरे शरीर पर तो बहुत तिल है एक तो वहा पर भी है।
मै: वहा पर कहा पर।
सनी: इसके चूतड पर है मैने देखा है बचपन मे।
बुआ: चुप कर।
सनी: और एक जांघ पर है।
बुआ: हां है। तेरा भी तो है वहा पर पेट के निचे।
सभी हंसने लगे।
सनी: आप क्यों हंस रहे हो अपका कहा है बता दूं ।
मै:( उसे चुप कराते हुए) ना ना मत बता।
बुआ: कहा है बताओ।
सनी: इनके ना सुसु पर है।
बुआ; नही, मै नही मानती झूठ बोल रहा है।
सनी: तो देख कर मानोगी क्या।
मै: क्या बोल रहे हो। ये सब हटाओ फालतू बातें।
अब उनका बच्चा सो गया उनका दूसरी चूंची के पास गीला हो गया था।
बुआ:(उसको झूले में सुलाते हुए) यही इसकी आदत है थोड़ा सा पियो सो जाओ , मेरा पुरा कपड़ा गीला हो गया है , और कितना दर्द कर रहा है,अब मुझे ग्लास में निकालना पड़ेगा।
बुआ: सनी एक ग्लास ले आ।
अब सनी ग्लास ला उनको देटा है।
वो हमारे बगल मे बैठ ग्लास में अपनी एक चूंची से दूध निकालने लगती हैं उनकी दूसरी चूची का दुध उनके ब्लाउस को अन्दर से गीला कर रहा था।
सनी: अभी फूफा होते तो तुमको ये करना ना पड़ता।
बुआ:( उसको तकिए से मारते हुए) भक्क कुछ भी बोलता है।
उनके पति मर्चेंट नेवी में थे।
मै:(उनके दुसरे चूंची के ओर इशारा कर) आपका ये इधर से वेस्ट हो रहा है और गीला भी।
उन्होने ने अपनी दूसरी चूंची भी निकाल ली और दवा दी मेरा चेहरा उनके दुसरे चूंची के काफी करीब था तो उनका दूध मेरे चेहरे पर आ गिरा।
मै अपनी जीभ से चाटने लगा ।
सभी हंसने लगे।
सनी: इतना दुध हो रहा है तो हम जैसे भूंखो को पीला दो।
बुआ: आजा साले।
उसको अपने चूंची से लगा लेती हैं।
अब मेरी ओर देख मुझे भी अपने दूसरी चूंची से लगा देती हैं।
हम दोनों उनके अंगूर जैसे निप्पल चुसने लगते हैं।
एक दो बूंद मेरे मुंह में दूध आता है उसका स्वाद काफी अजीब था हल्का फीका कभी मीठा।
वो हमारे सर पर हाथ फेरते हुए आह आह कर रही थी।
अब मै निप्पल छोड़ उनके बोबों को चुसने मसलने लगा।
सनी ने निप्पल पर दांत गडा दिया।
बुआ: आह काट मत देख ये कैसे कर रहा है वैसे कर।
अब मै बाई चूंची पर जाता हूं और उनके तिल को चूसने लगता हूं।
बुआ: आह ये तो मेरे तिल के पिछे पड़ा हुआ था।
अब दूध खत्म होता है तो हम अलग होते हैं।
हमारा लन्ड पैंट में खड़ा हो दर्द कर रहा था।
सनी: मजा आया बुआ।
बुआ: सालों मजा तो तुम दोनो को आया होगा,
लेकिन हां अब मेरी चूंचियां का दर्द खत्म हो गया।
सनी: (उनकी जांघ सहलाते हुए)अब अपना तिल दिखा दो ना।
बुआ : अच्छा तिल देखना है कि बिल।
सनी: बिल दिखोगी तो फिर मत कहना कि दर्द हो गया है।
बुआ: अच्छा बेटा, मुझे दर्द होगा मै तुम दोनो को अपने अन्दर घुसा लूंगी, और तुम दोनो का अता पता गुम हो जाएगा।
मै: तो देर किस बात की।
सनी उनकी साड़ी उठाने लगता है
बुआ: अरे छोड़ कमीने सीधे गुफा मे नही जाया जाता है।
मै उन्हें किस करने लगता हूं, उनके गर्दन को चूमने चाटने लगा उनके चूंचे सहलाते हुए उनके पेट चाटने लगा।
।
मै: बुआ आपका सेजेरियन हुआ था क्या।
बुआ: हां।
सनी: अच्छे चुदवायेगी नही तो यही होगा आज मै तुम्हे इतना चोदूंगा कि अगली बार नॉर्मल होगा।
बुआ: देख इसे और सीख पहले।
अब सनी भी वैसा ही करता है।
अब हम उसकी टांग चूमते हुए उसकी साड़ी उठाने लगे जांघ तक साड़ी उठा तो मुझे तिल नजर आया मै उसे चूसने लगा।
दोनों हसने लगे।
अब मैने उनकी साड़ी पूरी उठा दी उनकी फूली हुई चूत पैन्टी से नजर आने लगी , चूत के बाल भी पैंटी से बाहर दिख रहे थे।
सनी:(उनकी पैन्टी खींचते हुए) छी कितना गन्दा कर के रखी है, इतना जंगल उगा रखा है।
मै: हां बुआ आप कितनी सुन्दर हो पर इसे ऐसा क्यों रखा है।
बुआ: अरे किसके लिए साफ करू।
सनी:(उनके बाल खिंचते हुऐ) लाओ उखाड़ देता हूं।
बुआ: आह पागल है क्या।
मै: रेजर या क्रीम है तो लाइए मै साफ कर देता हूं।
बुआ: अरे कहा है ।
सनी: शिल्पी के पास भी नही है।
बुआ: अरे उसके बूर पर तो अभी बाल ही नही उगे हैं।
सनी: रूक मै रेजर लेके आता हूं आज काट ही दूंगा।
इतना बोल वो जाने लगता है।
बुआ: सुन मेरे पर्स से पैसे ले और क्रीम ही ले आ।
सनी: ठीक है।
अब हम दोनो अकेले थे।
मै बुआ के चूत सहलाते हुए उनके बालों से खेल रहा था।
मै: बुआ अपनी गांड़ पर का तिल भी दिखाओ ना।
बुआ:(हस्ते हुए घूम जाती हैं ) तुझे इतना तिल पसंद है क्या।
मै: हां बुआ।
उनकी चूतड पर तिल को चूम लेता हूं फिर उनके पुरे चूतड को चूसने चाटने लगता हूं।)
बुआ: क्या सच मे तेरे उस पर भी तिल है।
मै: हां बुआ।
बुआ: चल झूठ मत बोल कही अगल बगल होगा।
मै: अगर उसी पर हुआ तो तुम्हें उस पर चूमना होगा।
बुआ: ठीक है चल दिखा।
मै अपना पैंट उतार उसे लन्ड दिखा देता हूं, मेरे लन्ड के टोपे के चमरे के निचे भाग पर दो तिल है।
बुआ: (मेरे लन्ड को हाथ में पकड़ते हुए ) अरे वाह ये तो सच में है, मैने सुना है कि जिसके लन्ड पर तिल होता है वो बहुत माल चोदते हैं, तूने कितनो को चोदा है अभी तक।
मै: कहा बुआ अभी। अब बात बदलो मत चलो किस करो।
बुआ मेरे लन्ड पर तिल को चूम लेती हैं और हस्ते हुए मेरे लन्ड को सहलाने लगती हैं।
मै उनकी चूत सहला रहा था।
वो मुझे अपने ऊपर खींचने लगी मै उन्हें किस करते हुए उनके उपर लेट गया उनके चूंचे चूसे। अब मै अपना लन्ड उनकी चूत पर रख घिसने लगा।
बुआ: धीरे धीरे डालना बहुत दिनो से उसमे कुछ नही गया।
मैने धीरे से लन्ड आधा घुसा दिया वो आ आ करने लगी।
बुआ:बस अब इतना ही आगे पीछे करो, और जब मैं बोलूं तो पुरा घुसाना।
वो सिसकारियां भरने लगी।
मै कुछ देर उनके चूंचे चूसते हुए धीरे धीरे चोदने लगा।
बुआ को अब मजा आने लगा तो वो अपना गांड़ उठाने लगी और मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगी मैंने अब पुरा लन्ड घुसा दिया वो सिहर उठी आह आह करने लगी। मै पहले कुछ देर हल्के हल्के फिर तेज तेज चोदने लगा।
कुछ देर बाद वो झड़ गई।।
बुआ:(हाफते हुऐ मुझे कस कर चूमते हुए) आह अब कुछ देर रूक जाओ।
मै उन्हें किस कर फिर से गर्म करने लगता हूं उनके चूंचे पीता हूं गांद दबाता हूं।
कुछ देर बाद वो बोली अब कारो। मै फिर से हल्के हल्के चोदने लगता हूं पूरे रुम मे पट पट पच पच की आवाज हो रही थी।
अब मै जोर जोर चोदने लगता हूं। कुछ देर बाद हम दोनो झड़ने वाले थे तो मै निकाल कर बाहर झड़ जाता हूं। कुछ देर वैसे ही उन्हें किस करता हूं।
अब मै बाहर पानी पीने आता हूं तो देखता हूं की शिल्पी का बैग हॉल मे है।
मै चुपके से उसके रूम मे झांकता हूं तो वो बेड पर लेटी हुई थी।
मै समझ गया कि सनी दरवाजा खुला छोड़ चला गया होगा।
मै अब चुपके से उसके छत से होते हुए अपने छत पर आ जाता हूं।
मै: सनी तू कहा था इतनी देर और तूने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया था।
सनी: अरे बाजार जा कर लाना पड़ा इधर सारे दुकानदार पहचानते हैं इनसे लेता तो सारे पूछते की किसके लिए ले रहा है। और तूने दरवाज़ा बंद नही किया था क्या।
मै: मैने सोचा तू छत से होके जाएगा।
सनी: कोई आ गया था क्या।
मै: नही।
सनी: मै ये क्रीम देकर आता हूं, रात मे धमाल मचाएंगी।
कुछ देर बाद सनी आता है, ।
सनी: बुआ आज नही देने को बोल रही है बोल रही है बाजार जाना है शाम को उसे।
मै: कोई बात नही कल दोपहर में मजा आएगा।
सनी :ठीक है मै क्लास जा रहा हूं तू यही रहना टीवी देखना।
अब शाम को सनी क्लास चला गया, बुआ मौसी के साथ बाजार चली गई।
अब इस घर मे मै था और उस घर मे सिर्फ वो मै नीचे गेट लगा छत पर आ गया।
सिल्पी भी छत पर ही थीं, अंधेरा होने वाला था।
मैने सोचा अगर इसने देख लिया है तो जरुर कुछ बोलेगी या मुझे देख नीचे चली जाएगी।
कुछ देर बाद।
शिल्पी: क्या कर रहे थे दोपहर मे आप लोग।
मै: क्या कर रहा था बैठा था।
शिल्पी: झूठ मत बोलो मैने सब देख लिया है।
अब मै उसके नजदीक आ गया।
मै: क्या देख लिया।
शिल्पी: वही जो तुम और दीदी कर रहे थे।
मै: क्या कर रहा था मैं और बुआ।
शिल्पी: वही जो शादी शुदा लोग करते हैं।
मै: तो बुआ की तो शादी हो चुकी है।
शिल्पी: बनो मत मै बता दूंगी सबको।
मै: तो जाओ बता दो।
वो नही जाती है।
मै: जाओ, गई क्यों नही, । की ब्लैकमेल करने का इरादा है।
शिल्पी: नही, मै ब्लैकमेल क्यूं करूंगी।
अब अंधेरा हो गया था आस पास के छत पर नजर डाला कोई नही था।
मैने उसका हाथ थाम लिया और उसके छत पर आ गया।
उसने हाथ नही हटाया।
मै: देखो शिल्पी, तुम जवान हो तो मै तुम्हे बता देता हूं,। मुझे भी पता है जो हुआ वो गलत हुआ।
लेकिन बुआ बहुत समय से अकेली हैं, उन्हें प्यार करने वाला कोई नही है, और बुआ प्यार की प्यासी थी बहुत समय से, । मै उनसे बैठा बाते कर रहा था कि ये सब हो गया।
अब तुम ही सोचो की बताना है या नही।
शिल्पी: अगर मै ना बताऊं तो मुझे क्या मिलेगा।
मै: क्या चाहिए तुम्हें, मुझे बोलो मै ला दूंगा, मेकअप किट ला दूं मै।
शिल्पी 18 साल की एक पतली दुबली लडकी थी उसके चूंचे मौसमी के आकार के होंगे उसके होंठ पतले थे उसकी गांड़ मानो छोटे छोटे खरबूजे जैसे।
वो काफी गोरी थी।
वो कुछ नही बोली अब मै समझ गया।
मै उसे गोद मे उठा कोने मे ले गया।
शिल्पी:छोड़ो मुझे क्या कर रहे हो,।
मै उसके चेहरे को पकड़ होंठ के नजदीक अपने होंठ ले आता हूं
मगर किस नही करता हूं।
कुछ देर बाद वो खुद अपने होंठ आगे बढ़ा देती है।
मै उसे किस करने लगता हूं।
उसके गालों को चूसता हूं उसके गर्दन उसके कान, गले को खूब चूसता हूं।
उसके t-shirt के अन्दर हाथ डाल उसकी पीठ सहलाता हूं। उसकी ब्रा खोल देता हूं।
वो हाफने लगीं थी उसके टी शर्ट के ऊपर से उसके मम्मे सहलाने लगता हूं।
शिल्पी: मत करो ना दर्द होता है।
मै उसके टी शर्ट उठा उसके चूंचे चूसने लगा।
वो आह आह करते हुए मेरे सिर मे हाथ फेरने लगी।
मै उसके चुनचो को चूस चूस कर लाल कर देता हूं।
उसके पूरे चूंचे मुंह मे भर लिया।
अब उसके पेट पर चूमते चाटते नीचे बैठ जाता हूं और उसकी नाभी चूमने लगा।
उसके जींस का बेल्ट खोलने लगता हूं तो वो मना करने लगती है।
मै खड़ा हो उसे किस करने लगा और उसके जींस में हाथ डाल उसकी पैन्टी के ऊपर से सहलाने लगता हूं उसकी जींस काफी टाईट थी तो मेरे हाथ डालने से उसके जींस का बटन टूट जाता है।
मै अपना हाथ निकाल लेता हूं। वो दौड़ कर नीचे भाग जाती है।
मै कुछ देर इंतजार करता हूं।
कुछ देर बाद वो फिर छत पर आ जाती है स्कर्ट पहन कर।
मै उसे पकड़ किस करने लगता हूं उसके स्कर्ट में हाथ डाल उसकी पैन्टी पर से उसकी चूत सहलाने लगा, अब उसकी पैन्टी में हाथ डाल उसकी चूत पर रख दिया। वो कांपने लगी सी सी सिसकारियां भरने लगी।
कुछ देर में मै नीचे बैठ उसकी पैन्टी उतार दी उसकी चूत पर बालों का नामो निशान तक नहीं था सिर्फ कुछ रोए थे।
मै अपना जीभ उसकी बूर पर फिरा देता हूं। वो आह आह करने लगती है , उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।
मै अब खड़ा हो उसे किस करते हुए उसका हाथ अपने लन्ड पर रख देता हूं, वो हाथ हटाने लगी पर मैने उसके हाथ को पकड़ उसके हाथ से अपना लन्ड सहलाता हूं, कुछ देर बाद मै अपना हाथ हटा लेता हूं वो अब भी मेरे लन्ड को पकड़े हुए थी।
अब मै एक ऊंगली उसकी चूत में डाल देता हूं वो सिहर उठी।
अब उसी ऊंगली को आगे पीछे करने लगा।
जब ऊंगली आराम से जाने लगी तो मैने उसे लिटा दिया और उसे किस करते हुए उसके चूत पर लन्ड रख दिया वो सीसी करने लगी।
मैने अब उसके होंठ को अपने होंठों से दबा कर अपना आधा लन्ड उसकी चूत में उतार दिया, वो चीख पड़ी लेकिन उसकी आवाज मेरे मुंह में गूं गूं कर रह जाती है।
अब कुछ देर में उसे अच्छा लगने लगा तो मैने हल्के हल्के चोदने लगा उसे अब मजा आने लगा था अब मैने धीरे धीरे कर पुरा लन्ड अन्दर डाल दिया वो रोने लगी। मैने मोबाइल जला कर देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था।
उसे कुछ देर सहलाया चूंची सहलाई किस किया तो उसे अच्छा लगने लगा अब मै उसे चोदने लगा। वो आह आह करने लगी मै उसे धीरे धीरे चोद रहा था।
कुछ देर बाद हम दोनो झड़ गए मै लन्ड बाहर निकाल झड़ गया।
कुछ देर मैने उसे प्यार किया।
अब अचानक मौसी का फोन आया उसने कहा कि दरवाजा खोलो।
मै जल्दी से नीचे गया और दरवाजा खोला, वहा बुआ भी मेरे मौसी के घर ही थी।
मौसी बोली कि रुको सुरभि मै चाय बनाती हूं।
मै समझ गया कि अभी कुछ टाईम है बुआ को घर जाने मे।
मै जल्दी से ऊपर गया तो शिल्पी धीरे धीरे सीडी से अपने साईड उतर रही थी मैंने उसे गोद मे उठा लिया।
उसने बोला की बहुत दर्द हो रहा है।
मै उसे बोला की पैन किलर ले लो और पढ़ने के लिए बैठ जाओ और उठना मत , चलोगी तो बुआ को शक हो जायेगा,पढ़ती रहोगी तो बुआ कुछ नही बोलेगी ।
वो ठीक है ।
मै अब इधर चला आता हूं अब कुछ देर में सनी आ जाता है।
तो बुआ मुझे और सनी को अपने यहां ही खाने को बोल हमे अपने साथ ले आती हैं हम छत से आ रहे थे मैंने बच्चे को लिया हुआ था और बुआ कुछ सामान लिए हुई थी।
सनी बुआ को छत पर ही पकड़ लेता है।
बुआ: आह छोड़ कमीने कोई देख लेगा।
सनी: पहले बोल आज रात मस्ती करेंगे।
मै: अरे कल करेंगे ना रात मे शिल्पी को कही शक हो गया तो।
सनी: ठीक है।
अब हम नीचे आते हैं ।
वो बच्चे को सुला खाने की तैयारी करने लगी।
बुआ: तुम शिल्पी को कुछ पढ़ाई में मदद कर दो।
सनी बुआ के साथ किचन मे चला जाता है।
मै धीरे से शिल्पी से उसका दर्द पूछता हूं वो शर्मा जाती है।
मै उसका स्कर्ट उठा उसकी चूत देखने की कोशिश करता हूं वो मेरा हाथ पकड़ लेती है।
शिल्पी: अरे दीदी देख लेगी।
मै उठ कर किचेन मे जाता हूं और तेल गर्म कर ले आता हूं बुआ पूछती हैं तो उन्हें बताता हूं कि पैर में दर्द है।
अब मै तेल ला उसकी स्कर्ट उठा उसकी चूत पर गर्म तेल लगा मालिश करने लगा ।
वो सिहर कर अपने होंठ काटने लगी।
अब मैने उसे कुछ पढ़ाया थोड़ी देर बाद मै उनके बच्चे के साथ खेलने लगा।
कुछ देर बाद वो बच्चे को दूध पिलाने लगी तो एक चूंची को मै पीने लगा कुछ देर बाद सनी आ गया और वो भी चूंची पीने लगा।
कुछ देर बाद खाना खाकर मै और सनी एक रूम मे शिल्पी अपने रूम मे और बुआ अपने बच्चे के साथ अपने रूम मे सो गईं।
अब अगले दोपहर को हम दोनो बुआ के पास शिल्पी के क्लास जाते ही आ गए।
बुआ को खूब चूसा चाटा उनके बोबे लाल हो गए चूसते चूसते उनके चूतड पर उंगलियों और दांत के निशान पर गए।
अब उनको पुरा नंगा किया हमने और हमे भी पुरा नंगा किया उन्होने उनकी चूत के होंठ फूले हुए थे।
मै तो उसे सहलाने लगा उसे मसलने लगा।
सनी: भईया पहले आप जाओ।
मैने अपना लन्ड उनकी चूत पर रखा और आधा लन्ड अन्दर डाल दिया फिर पुरा सरका दिया अब जोर जोर से चोदने लगा वो आह आह करने लगी अब मैने उन्हें डॉगी स्टाईल मे चोदा फिर अपने लन्ड पर बिठा कर फिर गोद मे उठा कर खूब चोदा जब मै झड़ने वाला था तो बाहर निकाल झड़ गया।
वो थक चुकी थीं और 2 बार झड़ चुकी थीं।
मेरे निकालते ही सनी डालने लगा।
बुआ ने उसे थोड़ा रुकने बोला।
कुछ देर सहलाने पर वो फिर से गर्म हो गई तो सनी ने लन्ड डाल चोदना शुरू किया कुछ देर बाद उसने उनके अन्दर ही माल झाड़ दिया।
बुआ गुस्सा होने लगीं।
बोलने लगी कि अब तुम लोगो को मै नही दूंगी मुझे दवाई लेने पड़ेगी। लेकिन मै उन्हें मना लिया।
अब हम नहाकर अपने घर आ गए।
अब अगले दिन संडे था तो शिल्पी घर पर ही थी।
तो हम दोपहर को खाना खा सोने लगे, सनी और मै अपने घर सो रहे थे सनी को नींद आ गई थी।
तभी रूम मे शिल्पी आ गई और मुझे बाहर चलने का इशारा किया मै चुपके से उठ कर उसके छत पर उसे ले आ गया और भरी दोपहरी में उसे चूमने लगा चाटने लगा उसकी स्कर्ट उठा उसकी चूत में ऊंगली करने लगा फिर छत काफी गर्म थी तो मै इसे खड़े खड़े ही कोने मे दीवार से लगा चोदने लगा उसके गले चुसने लगा उसे गोद मे उठा उसे चोदा फिर हम दोनों झड़ गए मै वही दीवार से सट कर थोड़ी छाया में उसे अपने गोद मे बिठा लिया और आराम करने लगा।
कुछ देर में उसे पिसाब लगा तो वो जाने लगी तो मैने उसे वही मूतने को कहा कुछ देर में वो मान गई और वहीं बैठ मूतने लगी मै उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा उसकी मूत को फील करने लगा।
मूत कर मै उसे फिर से गर्म कर चोदने लगा उसे गोद मे बिठा उसका गांड़ दबाते हुए उसे खूब चोदा फिर हम दोनो झड़ गए।
अब जब तक वहा रहा छुप छुप कर उन दोनो की खूब चुदाई की।
कहानी पूरी पढ़ने के लिए धन्यवाद।
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