Samuhik Chudai – सामूहिक चुदाई, Sex Story
गोकुलधाम १ (Samuhik Chudai)
गोकुलधाम जीरो से आगे
तारक,जेठालाल,दया और अंजली ने सामूहिक चूदाई का आनंद उठाने के बाद जेठालाल और दया अपने घर चले जाते हैं और अंजली घर बंध कर के नंगी ही तारक के साथ लिपट कर सो जाती हैं।दया और जेठालाल अपने बेडरूम में जाकर कपड़े निकाल कर एक दूसरे से लिपट कर सो जाते हैं।
सुबह दया उठ जाती हैं और देखती हैं कि जेठालाल का लन्ड उठा हुआ है और उसकी चूत पर दस्तक दे रहा हैं।यह देख कर दया जेठालाल का लन्ड अपने मुंह में ले लेती हैं और चूसने लगती हैं।इसे जेठालाल उठ जाता हैं और दया की चूंचियां चूसते चूसते नीचे और जाता हैं और चूत का रस पिता हैं। फिर चूत में लन्ड डाल कर चोदने लगता हैं,दया भी उसका साथ देने लगी और पंद्रह बीस मिनट में दोनो एक साथ ही झरने लगे।थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़े रहने के बाद दया उठ जाती हैं और अपने रोज के कामों में व्यस्त हो जाती हैं।
इथर तारक के घर पर भी अंजली और तारक पहली बार सुबह की चूदाई करके उठ जाते हैं और अपने दैनिक काम में व्यस्त हो जाते हैं।
सुबह सब अपने अपने काम पर चले जाते हैं और दोपहर में अपना घर का सारा काम निपटा कर अंजली दया को मिलने उसके घर पर पहुंची।दया भी घर के काम से फ्री हो के सोने लिए जा रही थी उसी वक्त अंजलि पहुंचती हैं।अंजली को देख कर दया मुस्कराती हैं और उससे भाव से लिपट जाती हैं।अंजली भी दया को अपनी बाहों में भर लेती हैं।दोनो अपने होंठ उत्तेजना से आपस मैं मिला लेते है।दोनो अपने शरीर को एक दूसरे से घिसने लगे। थोड़ी देर बाद दोनो अलग हो कर बाते करते हैं।
अंजली:कल कितना मजा किया हम ने।जिंदगी में पहली बार आज तारक ने सुबह सुबह चूदाई की।हमारी सेक्स लाइफ बढ़िया हो गई।
दया: सच्ची बात है अंजली भाभी, मैं और टपू के पापा कभी सुबह में चूदाई करते हैं,मगर आज अलग ही मजा आया।लगता हैं अगर पहले से ये हम करते तो कितना मजा लूट ते।
इतने में डोर बेल बजती हैं और दया कपड़े ठीक करके दरवाजा खोलती हैं तो देखती है की माधवी खड़ी थी।
दया माधवी को आवकार देती हैं और दोनो ड्राइंग रूम में बैठते हैं। वहां अंजली को देखकर वो बोलती हैं: अरे अंजली भाभी आप। लो दया भाभी आपका आचार लाई हूं।और अपने साथ लाया हुआ डब्बा दया को दे देती हैं। क्या बात हैं आप दोनो के चेहरे चमक रहे हैं। यह सुनके दया और अंजली एक दूसरे की ओर देखने लगी। बाद में अंजलि बोली:आज सुबह सुबह ही हमारे पति ने इतना प्यार किया की बात मत पूछो।क्या आप को अपने पति का प्यार नहीं मिलता।
दया:क्या अंजली भाभी, प्यार प्यार लगा रखा है, सीधा बोलोने की भिड़े भाई आपको मजा नही कराते,चूदाई नहीं करते।हमारे पति तो ९ बजे से काम पर चले जाते हैं तो रात को ८ बजे के बाद आते हैं मगर भिड़े भाई तो सारा दिन घर पर ही होते हैं,जब भी मन करता हो तब चूदाई करते होंगे।
माधवी: आश्चर्य से बोलती हैं,,, अरे दया भाभी,क्या बोल रही हो, ऐसे भी कोई बोलता है,ऐसे खुलम खुला,कोई सुने गए तो क्या सोचे गा,,
इतने में अंजली: क्यूं माधवी भाभी शर्मा रही हो,हमारे अलावा कोई और है भी नहीं।क्या भिड़े भाई आपको मजा नही कराते हैं?इसे चूदाई नहीं कहते हैं?खुलकर बोलो। इसमें शर्मा ने की क्या बात हैं।
माधवी:मेरे पतिदेव शिक्षक हैं, वे ऐसी बात सुनेंगे तो बेहोश हो जाएंगे। हां वो पुराने जमाने के हैं इसलिए वो रातको ही करते हैं।दिन में वो में बहुत जोर डालती हूं तब वो चूदाई करते हैं,मगर डर डर के।जैसे वो अपना फर्ज अदा करते हैं।उसमे मुझे कुछ मजा आता नहीं।पर क्या करें।मुझे तो कोई मार्ग नहीं सूझता।क्या करूं।लगता हैं उन्हें किसी ट्यूशन क्लास में भेजूं। हा हा हा।और सभी जोर से हसने लगे।थोड़ी देर बाद माधवी और अंजली अपने घर चले जाते हैं।
माधवी अपने घर में दाखल होते ही देखती हैं कि आत्माराम भिड़े कागज पर कुछ लिख रहा हैं।ये देख कर माधवी चीड़ कर बोलती हैं: आहो जब देखो तब कुछ न कुछ लिखते रहते हों,कभी बीवी का ख्याल रखा करो,देखो देखो,दया भाभी और अंजली भाभी को,उनके पति अपनी बीवियों को कितना अच्छा चूदाई से मजा देते हैं।और आप हैं की याद आती हैं,कई साल हो गए,चूदाई में मजा देने में।पहले तो कितना मजा कराते थे।और अब,में तो अधूरी रह जाती हूं,बस आप संतोष पाकर सो जाते है।
यह सुनके भिड़े का सर चकरा जाता हैं और बोलता है:मधु तुम ये सब कहां से सिख के आई हो, कहां गई थी तुम?
माधवी:दया भाभी के पास से आ रहि हूं मैं। वहां अंजली भाभी भी थी।
भिड़े:यह जेठालाल का पूरा खानदान बिगड़ गया हैं। उन्हों ने तुमको भी बिगाड़ दिया।अब बाकी था तो दया भाभी भी?क्या जमाना आ गया हैं।
माधवी:उनको क्यूं कोसते हो,जाओ जेठाभाई और मेहतासाब से कुछ सिख के आओ।मुझे ज्यादा मजा दिलाने को सोचो।
भिड़े सोचता रहता है और माधवी अपने काम में रसोई घर में जाती हैं।भिड़े को मन में बहुत बुरा लगता हैं और माधवी को खुश करने के तरीके सोचने पर मजबूर हो जाता हैं।
रात को सोडा शॉप से वापिस आते वक्त, जेठालाल और मेहता बाते करते हैं।
मेहता:कैसा रहा हमारा कल रात का काम।कितना मजा किया हम सब ने साथ मिलकर।
जेठालाल:उसे याद करके तुरंत लन्ड खड़ा हो जाता हैं। मेहतासाब,फिर कब प्रोग्राम रखना है।
इतने में भिड़े आ जाता हैं और बोलता है:जेठालाल, तुमारा पूरा खानदान बिगड़ गया हैं।आज दया भाभी ने माधवी को क्या बात की की उसकी वजह से माधवी बहक गई।एक शिक्षक की पत्नी ऐसी भाषा में बात करने लगती हैं।
तारक भिड़े को ठंडा करके उसे पूछता है क्या बात हैं।भिड़े जल्दी से थोड़े में तारक को दो पहर वाली माधवी के साथ जो बात हुईं थी वो बता देता हैं।ये सुनते जेठालाल और तारक दोनो हसने लगते हैं।
फिर तारक भिड़े से पूछता है:क्या माधवी भाभी का बोलना सच है,अगर सच है तो तुमको कुछ करना चाहिए।शारीरिक संबंध स्त्री पुरुष के सम्बंध और कामकाज पर ज्यादा असर करता है।तो तुमको उस पर सोचना चाहिए।एक बात बताऊं, हरेक पुरुष पोलीगामी होता हैं।उसके मन में दूसरी स्त्री मन में रहती हैं और वो अपने मन में उसे नंगा कर के उसे चोदने की इच्छा रखता है।मगर सामाजिक मर्यादा के कारण वो अपने मन में दबा के रखता है,मगर उसके मन में ये कल्पना होती ही हैं।तो चूदाई में मजा लेने के लिए तुम जब माधवी भाभी को चोदो तब मन में तुम ये सोचो कि तुम वो स्त्री को चोद रहे हों।फिर देखो तुम मैं कैसे जोश उभरता है।फिर बादमे बताना कैसा रहा।फिर आगे देखेंगे। ये सुनने बाद भिड़े अपने घर जाता हैं। उसके बाद जेठालाल और तारक बाते करते है।
जेठालाल:भिड़े को क्या हो गया हैं।
तारक: लगता हैं हमारी बीवियां ने माधवी भाभी मे आग लगाई लगती हैं। बाद में दोनों अपने घर चले जाते हैं।
भिड़े अपने बेडरूम में जाकर सो गया। देखा कि माधवी सोई हुई हैं।जैसे ही वो लेट गया माधवी बड़बड़ाती हुई बोलती हैं की क्यूं इतनी देर कर दी।ये सुनते ही भिड़े माधवी की ओर घूम कर माधवी को किस करने लगा और एक दूसरे की जीभ घुमाने लगे,और अपने हाथों से माधवी की चूंचियां मसलने लगा। थोड़ी देर बाद किस तोड़ते हुए माधवी बोलती हैं की क्या हो गया हैं आपको।ये सुनते ही भिड़े माधवी को उठा कर उसकी नाइटी उतार देता हैं और माधवी को नंगी करदी और खुद नंगा हो गया। फिर से किस करते हुए भिड़े फिर चूंची दबा कर मसलने लगा और थोड़ी देर में निप्पल अंगुलियों के बीच में लेकर भींचने लगा। माधवी के मुंह में से सिसकारियां निकलने लगी।भिड़ने किस तोड़के अपना मुंह चूंचियों पर घुमाने लगा और बारी बारी चूंचियां चूसने लगा।कभी कभी निपल को चूसते हुए दांत से धीरे से काटने लगा।माधवी के उन्हकारे बढ़ने लगे।धीरे से भिड़े ने अपना हाथ माधवी की चूत पर रख दिया और मसलने लगा।वो आंखे बंद कर दया भाभी की कल्पना करते हुए माधवी को मसलने लगा और वो उसपर चढ़ गया।उसका लुंड फुल चुका था और बड़ा हो गया।वो लन्ड माधवी की चूत पर रगड़ ने लगा।भिड़े ने अपना लन्ड माधवी की चूत के सेंटर में रख कर मन में दया को चोदता है ऐसे जोरदार धक्का लगाया और एक ही झटके में चूत में घुसा दिया और माधवी की मुंह में से आह निकल गई।फिर भिड़े तान में आकर लन्ड चूत में अंदर बाहर करने लगा और वो उसकी गति बढ़ा ने लगा।माधवी आश्चर्य हुई और बोलने लगी:कितने सालों के बाद आप ऐसे मुझे चोद रहे हो। मजा आ रहा हैं।जोर से करने लगो।फिर भिड़े ने स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से चोदने लगा।और थोड़ी देर बाद भिड़े बोलने लगा दया मैं गया,,,,माधवी को आश्चर्य हुआ और बोलने लगी अहो आप किसको मन में चोद रहे हों,,,और वो भी बोली मैं भी गैईईई।दोनो एक साथ झर जाए और थोड़ी देर बाद माधवी भिड़े को पूछती हैं कि आप किसको मन में चोद रहे थे।क्या दया भाभी को चोद रहे थे?ये सुनते ही भिड़े शर्मा जाता हैं और बोलता है कि मधु सच तो ये है कि में दया भाभी को चोदना चाहता था मगर यह तो संभव नहीं है इसलिए मन में ही तुझे दया भाभी समझ कर चोद दिया।माधवी ने बताया कि मुझे बहुत मजा आया,कितने सालों के बाद अपने मुजे ऐसे माझा दिया।बाद में दोनों इक दूसरे से चिपक कर सो गए।
दुसरे दिन सुबह उठे तब भिड़े का लन्ड तना हुआ था मगर माधवी ने चूदाई करने से मना कर दिया।माधवी ने उठते हुए भिड़े को पूछा अगर मेरे मन में आपकी तरह किसी से चुदाने मन कर जाए तो मैं भी ऐसा सोच सकती हूं,,,बोलो बोलो,,,।फिर भिड़े उसे हां बोलता है और माधवी हस्ती है और बोलती हैं में तो मजाक कर रही हूं।फिर वो दोनो अपने घर के कामों में लग गए।
दुपहर में बेडरूम में जाकर माधवी और भिड़े आराम कर ने को पहुंचे। सोनू घर पर नहीं थी इसीलिए दोनो एक दुसरे से लिपट कर सोने लगे।इतने में भिड़े माधवी को पूछता है कि सच बताओ कि अगर तुम दूसरे से चूद ना चाहो तो किससे चुदाना चाहोगी मैने जैसे सच बताना।तो माधवी बोलती हैं: में जेठा भाई से चूद ना चाहूंगी,,,क्योंकि दया भाभी बोलती हैं कि वो उनको बहुत ज्यादा मजा दिलाता हैं और अच्छी तरह से चूदाई करते हैं।मगर आप क्यों दया भाभी को चोदना चाहते हो?भिड़े:माधवी मेरे मे एक ऐसा पुरुष छुपा है कि मुझे हमारी सभी स्त्रियों अच्छी लगती हैं,जैसे कि अंजली भाभी,रोशन भाभी,बबीताजी वगाइरा।माधवी हस ते हुए पूछती हैं की कोमल भाभी के बारे मैं क्या खयाल हैं?और जोर से हस्ती है।
इतने में डोरबेल बजती हैं और भिड़े कपड़े ठीक करके डोर खोलने जाता हैं।तो उससे कोई ट्यूशन के लिए मिलने आया था और वो उससे बात करने लगा।
रातको सोडा पीके वापस आते वक्त जेठालाल, तारक और भिड़े बाते करते हुए चलते हैं।जेठालाल भिड़े को पूछता है कि कल रात कैसी रही?भिड़े बताता है कि आपका बताया हुआ नुस्खा काम कर गया।कल रात चूदाई में ज्यादा मज़ा आया।तब तारक बताता है कि इससे भी ज्यादा मजा देने वाली तरकीब हैं।तब भिड़े जेठालाल से पूछता है कि क्या मैं उसे हमारी बात बता दूं? जेठालाल हा बोलता है और तारक भिड़े को बोलता है:अगर वो स्त्री जिसे तुमने मन में रखते माधवी भाभी को चोदा था उसे अगर चोदने को मिल जाए तो कितना मजा आएगा। अब बताओ कौन हैं वो स्त्री? तब भिड़े डरते हुए कहता हैं कि आप लोगों को बुरा न लगे तो बोलूं?तब जेठालाल बोलता है कि बिंधास्त बोल।तो भिड़े बताता है कि वो स्त्री दयाभाभी और अंजली भाभी हैं।ये सुनते ही दोनो चौंक गए और तारक बोला:देख भिड़े,एक बात tuje बताने जा रहा हूं वो हमारे बीच में ही रहनी चाहिए।तो भिड़े मैं और जेठालाल हम दोनो एक दूसरे की बीवी को साथ में चोदते हैं।भिड़े का मुंह खुला रह गया और वो बोलता है कि जेठालाल तुम अंजली भाभी को चोद रहे हों और मेहता साब दया भाभी को चोद रहे हैं।दोनो अपना सिर हकार में हिलाते हैं।तो क्या मैं आपके ग्रुप में सामिल हो सकता हूं?तो जेठालाल बताता है कि तुम अकेले नहीं साथ मे माधवी भाभी भी होनी चाहिए।
ये सुनते ही भिड़े माधवी के साथ जो बात हुईं थी वो बता देता है और बोलता है की माधवी तो जेठालाल से चूद ने के लिए तैयार है। उसी वक्त जेठालाल बोलता है कि अगर माधवी भाभी तैयार हो तो आज कार्यक्रम रख ले।कल संडे हैं और बापूजी और बच्चे नही है तो आज हो जाए,क्या बोलते हो मेहता साब?तारक:भिड़े और माधवी भाभी को प्रॉब्लम न हो तो हो जाए।मगर इकठे कहां होंगे?
जेठालाल:मेरा बेडरूम बड़ा है तो वहीं आ जाओ।तो भिड़े तुम माधवी भाभी को लेकर वहीं आ जाओ और मेहता साब आप भी अंजली भाभी को लेकर आ जाए।ऐसा बोलकर सब लोग अपने घर चले जाते हैं।
घर जाकर भिड़े और तारक अपनी बीवियों को ये बात बताते हैं और पूछते हैं कि चलना है तो चलो।माधवी बोली:मैने तो सोचा भी नही था ये सब आज ही हो जायेगा।आज पता चला कि दया और अंजली भाभी का रहश्य और आपको भी दया भाभी को चोद ने की जल्दी लग रही हैं।ऐसी बात करते हुए वो लोग अपना घर बंध कर के जेठालाल के घर और चल दिए।इधर से तारक और अंजलि भी साथ हो गए और चारों साथ मिलकर बाते करते हुए चल दिए।
जेठालाल भी सबको अपने बेडरूम में ले जाता हैं।सब बैठ कर बाते कर ने लगे। दया माधवी से कहती है,कैसा रहा माधवी भाभी। आप भी हम लोगों के साथ मिल रहे हैं तो माझा आयेगा,क्यों अंजली भाभी?अंजली बोलती हैं:हा हमारा मज़ा तीन गुना हो जायेगा।
तब तारक बोलता है कि कौन कौन चूदाई साथी बनेंगे।हैं और एक बात आज रात कोई अपनी बीवी को नहीं चोदेगा।बीवी को तो हररोज चोदते हैं।चलो पहले आज के मेहमान बताए।तो भिड़े बोलता है की मै तो दया भाभी को चोदूंगा।तो तारक बताता है कि फिर मुझे माधवी भाभी को चोदना होगा।दूसरे राऊंड में मैं दया भाभी को चोदूंगा,जेठालाल माधवी भाभी को और भिड़े अंजली को।तो इसी तरह जोड़ियां बन जाती हैं पहली बार की चूदाई के लिए।तो इसी तरह दया भिड़े के पास,माधवी तारक के पास और अंजली जेठालाल के पास चली जाती हैं।
भिड़े दया भाभी के पास जाकर दया भाभी को लिपट जाता हैं और दया भाभी भी उसको गले लगा लेती हैं।तारक धीरे से माधवी भाभी के पास जाकर उसके होंठ पर अपने होंठ रख कर किस करने लगा।और अंजली जेठालाल से जोर से लिपट कर उसके मुंह में जीभ डाल कर चूसने लगी। तीनों जोड़ियां काम पर लग गई।जेठालाल ने अंजलि को जोर से अपने सीने से दबा दिया जिसे अंजली की दोनो चूंचियां जेठालाल के सीने से दब गई और अंजली के मुंह में से उन्हकार निकल गया।जेठालाल उसको धीरे से बेड पर लिटा देता हैं और किस तोड़े बिना अंजली पर चढ़ जाता हैं और दोनो अपने हाथों से एक दूसरे के सरीर को सहलाने लगे।ये देख कर बाकी दोनो जोड़ियां जोश में आ गई।भिड़े ने दया की साड़ी को उतारा और पेटीकोट और ब्लाउज भी खोल दिया और दया को नंगी करदी और खुद नंगा हो गया।इधर तारक ने भी माधवी के सारे कपड़े निकाल कर खुद भी नंगा हो गया।तारक माधवी की चूंचियां देख कर पागल हो गया और फिर उसे जोर से मसल ने लगा और बोलने लगा की क्या चूंचियां हैं आपकी माधवी भाभी और उसकी निप्पल भी अंगुलियों के बीच लेकर मसले जा रहा था।माधवी आनंद ले कर उन्हकारा भरने लगी और ऊंची नीची मचलने लगी।फिर तारक ने अपने मुंह में चूंची लेकर छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा।माधवी ने भी अपना हाथ लंबा कर तारक का लन्ड पकड़ लिया और उसे अपने हाथ से दबाने लगी। उससे तारक का जोश ज्यादा ही बढ़ गया।वो मुंह में धीरे से दया की चूंची की निपल को चूसते हुए दांतो तले दबाने लगा।दोनो की आग भड़कने लगी।तारक ने अपना हाथ चूत की ओर ले जाते हुए चूत को सहलाने लगा और अपनी अंगुली से चूत का दाना ढूंढ के उसे मसलने लगा।माधवी ने भी लन्ड की आगे की चमड़ी को ऊपर ले जाकर लन्ड के मुंहाने पर धीरे से अंगुली घुमाने लगी और इससे तारक ओर ज्यादा उत्तेजित हो गया।फिर तारक बैठ गया और माधवी के पैर के बिच मे बैठ कर अपना लन्ड माधवी की चूत पर रख कर धीरे से अपना लन्ड के सुपाड़े को चूत मे डाल ता है और फिर एक जोरदार धक्का लगा कर पूरा लन्ड माधवी की चूत में घुसा देता हैं।भिड़े के लन्ड से तारक का लन्ड थोड़ा बड़ा होने की वजह से माधवी की हल्की चीख निकल गई।ये सुनते अंजली हसने लगी और बोलने लगी की क्या हाल है आप की चूत का माधवी भाभी।फिर तारक माधवी को चोद ने लगा और तेज रफ्तार से लन्ड अन्दर बाहर करने लगा।
इधर भिड़े जोश में आकर दया की चूंचियों पर टूट पड़ा।दया बोलती हैं भिड़े भाई धीरे धीरे दबाई ए,में कन्ही भागी नहीं जा रही हूं।फिर भिड़े समहल जाता हैं और धीरे से मुंह में चूंची दबा कर चूसने लगा और दूसरे हाथ से दया की बड़ी बड़ी निप्पल हाथ की अंगुलियों से मसलने लगा। दया ने भी अपना हाथ आगे बढ़ा के भिड़े का लन्ड लेकर मसल ने लगी जिस से भिड़े का लन्ड फूल कर बड़ा हो गया।भिड़े इसे छट पटाने लगा।उसने भी अपना हाथ नीचे करके दया की चूत पर रख कर चूत को मसल ता है।थोड़ी देर बाद भिड़े बैठ गया और दया के दो पैर के बीच में आ गया।उसने अपना मुंह दया की चूत पर रख कर अपनी जीभ दया की चूत की अंदर फिराने लगा। इस से दया उत्तेजित हो गई और अपनी चूत ऊंच के भिड़े के मुंह पर दबाने लगी।जिस से भिड़े का नाक चूत में घुस गया।और दया ने भिड़े के सर को अपनी चूत पर हल्के से दबाया।फिर भिड़े बैठ गया और अपने लन्ड को दया की चूत पर रख कर एक धक्का लगाता है और अपना लन्ड दया की चूत में घुसा दिया।दूसरे धक्के में अपना पूरा लुंड घुसा देता हैं।दया चूत में भिड़े के लन्ड को जकड़ लेती हैं और चूत से उसके लुंड को मसल ने लगती हैं।इससे भिड़े को बहुत मजा आता है और वो सातवें आसमान में उड़ ने लगता हैं।फिर दया अपने चूत की पकड़ ढीली करती हैं और भिड़े चूत में लन्ड अन्दर बाहर करते धक्के लगाने लगा।दया भिड़े को पूछती हैं की कैसा लगा आपको। मज़ा आया की नहीं।माधवी भाभी से ज्यादा मजा आता है या नहीं।भिड़े बोलता है की ऐसा मज़ा उसे कभी नहीं आया। और वो जोर से दया को चोदने लगता हैं।
जेठालाल और अंजली दोनो नंगे हो गए और जेठालाल अंजली की चूंचियां मसलने लगा और निप्पल मुंह में लेकर चूसने और काटने लगा। साथ ही अपना हाथ अंजली की चूत पर रख कर धीरे धीरे मसल ने लगा।अंजली ने भी अपने हाथ में लन्ड लेकर मसल ने लगी।जब अंजली की चूत गीली होने लगी तब जेठालाल ने अपने होंठ अंजली के होंठ पर रख किस करने लगा और धीरे से अपना लन्ड अंजली के हाथ से छुड़ा कर बैठ जाता हैं और अंजली के पैर चौड़े करके लन्ड को चूत के सेंटर पर रख कर फिर से किस करते हुए और अंजली को जकड़ कर एक जोरदार धक्का लगाया और एक ही झटके में अपना पूरा लन्ड चूत में घुसा दिया।अंजली गुंगू आवाज निकालने लगी और आंख में से आंसू निकल गाए।ये देख कर दया बोली: टपु के पापा,आज तो अंजली भाभी की भोस का भोसड़ा बना ही दीजिए।मजा आ रहा हैं ने अंजलि भाभी।ये माधवी भी सुन रही थी और वो अंजली की और देखने लगी। माधवी के मन में कुछ कुछ होने लगा।
तीनों जोड़ियां काम के आवेग में चूदाई करने लगी।करीब दस मिनट लन्ड चूत में अंदर बाहर करने के बाद पहले भिड़े बोलने लगा की में झर ने वाला हूं मगर दया बोली कि मेरा अभी नहीं होने वाला इसलिए आप धीरे से करिए और वो अपनी चूत के स्नायु से भिड़े के लन्ड को पकड़ कर मसलने लगी और थोड़ी देर में दोनो ही जड़ गए और भिड़े दया की चूंचीओ पर अपना सर रख कर निठाल हो जाता हैं।दया भी उसके सर पर हाथ फेरने लगी।
तारक और माधवी दोनो एक साथ ही झरने लगे और तारक ने माधवी की चूत अपने वीर्य से भर दी और वो भी माधवी की चूंचियां पर सर रखकर सो गया।दोनो सोने लगे।
इधर जेठालाल और अंजली की चूदाई चालू थी।अंजली बड़ बड़ाने लगी की जेठाभाई में गैईइई।मगर जेठालाल धीरा नहीं होता।इससे अंजली फिर से चुदाने लगी और उसकी चूत से फाच फ़च की आवाजे निकलने लगी और अंजली थोड़ी देर में दूसरी बार झरने लगी मगर जेठालाल रुकता नहीं और जोर से चोदने लगा और अपना पूरा रस अंजली की चूत में छोड़ देता हैं और उसकी चूचियां पर सर रखकर सो गया।
ऐसे ही
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तीनों जोड़ियां ने चूदाई करके शांत हो गई।

