First Love Virgin Sex Kahani – प्यार के चक्कर में चुद गई कुंवारी चूत, Hindi Sex Story

First Love Virgin Sex Kahani – प्यार के चक्कर में चुद गई कुंवारी चूत, Hindi Sex Story

फर्स्ट लव पहला प्यार के चक्कर में आपके चूत चुद गई: हैलो दोस्तों मेरा नाम नेहा है, हम कुल 3 भाई बहन है, मैं, मेरी बड़ी दीदी रचना और एक मेरा छोटा भाई। मेरी उम्र अभी 25 साल है। आप मुझे निहायती खूबसूरत और गजब की फिटनेस वाली बंदी कह सकते हो, मेरी खूबसूरती और फिटनेस देख के लोगो के मुंह खुले के खुले रह जाते है। और ये सब देख मुझे और फिट रहने का उत्साह मिलता रहता है। मैं दिल्ली के पास ही रेवाड़ी की हूं। यह कहानी कुछ साल पहले जब कई 18 की था तब शुरू हुई थी।

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मेरी स्कूल की पढ़ाई खत्म होते होते, रचना दीदी की शादी हो गई, जीजू बड़े हैंडसम थे और रचना दीदी भी एक नंबर की माल थी। स्कूल के बाद, आगे की पढ़ाई के लिए मैंने दिल्ली के आयुर्वेद कॉलेज में दाखिला ले लिया। शुरू में तो मैं गर्ल्स pg में रहती थी, लेकिन फिर धीरे धीरे मेरी कुछ फ्रेंड्स बन गई और हमने रेंट पे छोटा अपार्टमेंट ढूंढना शुरू कर दिया, क्योंकि pg में रेंट भी ज्यादा था और खाना भी अच्छा नहीं था, और बाहर निकलने में भी काफी बंदिश थी।

कुछ दिनों तक खूब ढूंढने पर, हमे कॉलेज के पास ही टॉप फ्लोर पर एक 1 bhk फ्लैट मिल गया। और हम 3 फ्रेंड्स ने मिल कर उसे रेंट पे ले लिया।

हमारा मकान मालिक एक 30 साल के आस पास का हट्टा कट्टा नौजवान था। उनका नाम संजय था, उनका डाइवोर्स हो चुका था, लेकिन दिखने में एक दम मर्दाना और शानदार पर्सनालिटी वाला था। मकान देखने के बाद मेरी फ्रेंड्स बोली थी की मकान पसंद आए न आए, लेकिन ये अंकल टाइप मेटेरियल तो मस्त है। तो मैने कहा की ये कहां से अंकल लगता है। लेकिन उस वक्त तक हमारी उम्र 18 साल थी तो उसका कहना भी उचित ही था।

हम अपार्टमेंट में sift हो गए। धीरे धीरे उम्र के साथ साथ हमारे रंग बदलने लगे और पर निकलने लगे। करीब एक साल में ही हम सब ने एक एक bf बना लिए और वो लोग कभी कभी हमारे फ्लैट पे भी आते थे। और हम में से जिसको भी मिलना होता वो उस दिन छुट्टी रख लेती बाकी सब कॉलेज चली जाती ऐसे दिन मस्त गुजर रहे थे।

एक दिन फ्लैट पे मेरा bf आया हुआ था, और हम लोग रोमांस के चक्कर में ढंग से गेट की कुंटी लगाना भूल गए और सामने के हाल में ही रोमांस चल रहा था। अभी तक हमने सिर्फ kissi वगैरा ही की थी, और जीवन में पहली बार मैं पूरी तरह से टॉप लेश थी और एक शॉर्ट स्कर्ट में थी। मेरा bf मेरे बूब्स चूसने में लगा हुआ था, दोस्तो क्या बताऊं पहली बार में यह गजब का अनुभव था, इसलिए मैं आंखे बंद किए अपने bf के सर के बाल नोच रही थी, की अचानक हमारा मकान मालिक आ गया और उसने जैसे ही गेट को बजाते हुए धक्का दिया, गेट खुल गया और हम दोनो पकड़े गए। लेकिन मकान मालिक संजय जिनको हम sir बुलाते थे, वो गजब के व्यक्तित्व के धनी थे, इसलिए उन्होंने गेट खुलते ही अंदर झांका तो उनकी आंखे एक पल के लिए नंगे शरीर और नई जवानी पर अटक गई । फिर उन्होंने हाथ के हाथ गेट बंद किया और वापस चले गए। मैं बहुत डर गई थी।

लेकिन कुछ दिन तक उन्होंने कुछ नही बोला तो थोड़ी जान में जान आई।

अब महीने के अंत में जब मैं रेंट देने गई तो मुझे बड़ी शर्म आ रही थी और डर भी लग रहा था की आज ना जाने ये क्या धमकी देगा।

पर जैसा कि मेने पहले बताया संजय सर गजब के व्यक्तिव के धनी थे। उन्होंने ऐसी वैसी धमकी देने के बजाय रेंट लेने के बाद मेरी ओर हाथ बढ़ाया और बोले फ्रेंड्स ?

मैं क्या बोल सकती थी, इसलिए मैं चुप रही। तो उन्होंने बोला की अब हुई विश्वास नहीं है।

तो मैने जैसे तैसे हाथ मिला लिया।

तो उन्होंने बोला देखो एक तो तुम लोग इतनी छोटी सी उम्र में इतने मजे कर रहे हो, वो भी गेट खुला छोड़ के और इधर तुम्हारा ये दोस्त divorced है और अकेला मार रहा है। इसलिए ये शर्म का नाटक तो बंद करो और मेरी भी एक gf बनवा दो।

तो मैने कहा की मेरी फ्रेंड्स तो आपसे छोटी है, तो उन्होंने बोला की कोई सीनियर या बड़ी लड़की ढूंढ दो, कोई मजबूरी नही है लेकिन दोस्त की care भी तो दोस्त ही करते है।

उस दिन मैं जैसे तैसे निपटा के वापस आ गई, फिर जब भी वे मिलते तो मुझे थोड़ा सा आंखो से छेड़ देते और हाल चाल पूछ लेते। धीरे धीरे मैं उनके साथ थोड़ा खुल गई और एक दोस्त ई तरह बात करने लगी।

ऐसे करते करते मैं फाइनल ईयर में आ गई और इधर मेरी दीदी की शादी को 3 साल हो चुके थे, सब बढ़िया चल रहा था। लेकिन इस बार जब दिवाली पर दीदी घर आई तो वो थोड़ा परेशान सी दिख रही थी तो मैने पूछा की क्या हुआ?

दोस्तों, मैं और मेरी दीदी एक दम दोस्त की तरह ही है, एक दूसरे के साथ फूल खुले हुए है। अच्छी गंदी हर बात शेयर करते है।

तो मेरे पूछने पे उन्होंने बताया की कुछ नही यार ससुराल वाले रोज बच्चो के बारे में पूछते है लेकिन यहां कुछ बात बन नही रही।

तो मैने पूछा क्यों जीजू कुछ करते नही है क्या ?

तो रचना दीदी बोली अरे करते तो रोज है और बाकी सब तो ठीक है लेकिन वो बाप नही बन सकते।

मैने कहा की DR को दिखा दो।

तो दीदी बोली की यार बहुत जगह चेक करवा दिया, एम्स में भी गए थे, लेकिन सब बोलते है की तुम्हारे जीजू के शुक्राणु सही से नहीं बनते।

तो मैने पूछा की अब क्या करोगी फिर।

तो दीदी बोली की यार हम एक दूसरे के साथ खूब खुश है, बस यही एक कमी है। ससुराल वाले रोज पूछते रहते है, तो उन्हे क्या कहें।

तो मैने बोला की उन्हे बता दो पूरी बात।

तो दीदी बोली की उन्हे बता के भी कोई फायदा तो होने वाला नहीं उल्टा तुम्हारे जीजू की ही इज्जत कम होनी है।

तो मैने पूछा की अब क्या करोगे?

तो दीदी ने बताया, की यार हम दोनो ने तो मिले ये प्लान बनाया की मैं किसी जिगोलो (कॉल बॉय) से प्रेग्नेंट हो जाऊ। और बस बाकी सब तो मस्त चल रहा है।

मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर मैं भी क्या बोलती इसलिए चुप रही।

फिर दीदी बोली की लेकिन यार जिगोलो भी तो पता नहीं किन किन के साथ सोते है इसलिए safe नही है।

और किसी अजनबी से कैसे बात करें।

ये सब सुन कर मेरे दिमाक के फ्यूज उड़ गए, लेकिन वो भी सही थी अपनी जगह पर।

तो उन्होंने बताया की यार देख, ट्यूब बेबी, या दूसरे से स्पर्म का इस्तेमाल तो होना ही है।

तो क्यों न नेचुरल ही ट्राई कर लिया जाए, उनका भी प्लान बुरा नही था, क्योंकि वो दोनो ही एक दूसरे के साथ खुश थे ये बस एक दो बार की बात थी।

जैसे तैसे छुट्टी खत्म करके मैं वापस लोट आई।

यहां आने के बाद मेरे दिमाक में संजय का खयाल आया, की वे उन दोनो के लिए अजनबी भी है, और safe भी।

और तो और, संजय सर की पर्सनालिटी से लेकर फिजिक्स तक सब कुछ जीजू से बेहतर थी। और उन्हे तो ऐसे ही किसी मौके की तलास भी थी।

कुछ दिन बाद सोच समझ कर मैने दीदी से कहा की एक अजनबी आदमी तो है मेरी नजर में अगर तुम लोग चाहो तो।

तो उन्होंने पूछा की कोन?

तो मैने उन्हे पूरी स्टोरी सुनाई। तो पहले तो उन्होंने कहा की तू वहां जाकर बिगड़ गई है, फिर कहा की वाह यार कमाल का इंसान है, जो मकान मालिक होकर तुझे नंगा देखकर भी कुछ नही बोला और तेरी इज्जत भी रख ली।

फिर दीदी बोली की मैं तेरे जीजू से बात करूंगी, लेकिन तू किसी और से ये तेरा किस्सा मत सुनना। मैं तेरे जीजू से तेरी सहेली के नाम पे ये किस्सा सुनकर बात करूंगी।

कुछ दिन बाद दीदी ने बोला, की यार तेरे जीजू बोल रहे है को अगर इंसान safe है और अच्छे गुण वाला तो हम ट्राई कर सकते है। इसलिए तू बता सब सेफ तो है ना।

तो मैने दीदी से बोला की मैने पूरा किस्सा तो सुना दिया, और मैं यहां 3 साल से रह रही हु। मैने उन्हे हर रोज देखा है। वह बहुत ही अच्छे इंसान है। और फिर मेने चुटकी लेते हुए कहा की जीजू से तगड़े भी है और सालों से अकेले भी 😂

तो दीदी बोली चुप कर तू।

फिर कुछ दिन में हमने एक प्लान बनाया, मेने दीदी से कहा की साल के लास्ट में बड़े दिनों छुट्टियों में हम सारी फ्रेंड्स 2 दिन के लिए शिमला जा रहे है, और तुम मेरे यह आ जाओ, दो दिन बाद जब हम वापस आए, तब वापस चली जाना, तो ससुराल वाले भी मान जायेंगे, और तुम्हारा काम भी बन जायेगा।

कुछ देर सोचने के बाद दीदी ने बोला यार टाइमिंग तो परफेक्ट है। उन्ही दिनों मेरे ओवोलेशन का टाइम भी होता है, तो आसानी से कंसीव हो जायेगा।

तो मैने दीदी से बोला की अगर तुम्हारी और से हां है तो मैं संजय से बात कर लेती हु। और मैं संजय को बता दूंगा की तुम मेरी गांव की फ्रेंड हो।

तो दीदी ने कहा अगले दिन जीजू से पूछ कर हां कर दी।

अगले दिन मेने संजय एस कहा की मैं तुम्हारे लिए एक gf ढूंढी है। लेकिन वो सिर्फ दो दिन के लिए आपकी gf बनेगी।

तो संजय ने कहा की दो दिन, ये कैसी gf है।

तो मैने कहा की यही है देख लो।

तो उन्होंने माना कर दिया की दो दिन में वो क्या कर लेगा, उसे क्या फायदा।

तो मैने कहा की दो दिन में सब हो जायेगा लेकिन एक शर्त है।

तो उन्होंने पूछा की बताओ?

तो मैने उसे सारा प्लान बताया की दो दिन हम लोग घूमने जा रहे है और तुम लोग खूब मजे करना, बस दो दिन में मेरी फ्रैंड को प्रेग्नेंट कर देना ( बोलो है न मजेदार डील)

तो संजय ने कहा की यार डील तो मजेदार है लेकिन तुम बुरा न मानो तो एक बात बताऊं?

तो मैने बोला की बताओ।

तो संजय बोला की यार जब से तुम्हें नंगा देखा है ना, तब से तुम आंखो में बस गई हो कोई और लड़की पसंद की नही आती।

काश वो दो दिन तुम्हारे साथ होते।

मैने मन ही मन सोचा की अच्छा बेटा, दोनो बहनों की लेगा।

फिर कुछ देर चुप रहकर मेने कहां की देख लो, यही ऑफर है।

तो उसने बोला की तुम देख लो जैसा तुम्हे ठीक लगे लेकिन हमारी दोस्ती खराब न हो।

तो मैने बोला कुछ खराब नही होगी ओट मेरी फ्रैंड भी तगड़ी माल है आप मुझे भूल जाओगे।

तो वो खुश होते हुए बोला की अच्छा, तो फिर देख लो तुम

उनसे बात करके मैंने सारा प्लान फिक्स करके हमने टिकट बनवा लिए।

हमारे जाने से ठीक एक दिन पहले, मेने छूटी रख ली और बाकी सब फ्रेंड्स कॉलेज गई हुई थी। और दोपहर तक दीदी भी आ गई। फिर मेने चाय चढ़ाई और संजय को हुई बुला लिया।

दीदी और संजय को मिलवाया और हम सबने बैठ कर चाय नाश्ता किया, दीदी संजय को देख के शर्मा रही थी तो मैने संजय को कहा की रचना यही है दो दिन और हम सब लोग घूमने जा रहे है तो आप इनका अच्छे से खयाल रखना।

संजय ने कहा की आपका हुकुम सर आंखों पी सरकार।

अगले दिन हम सब सुबह जल्दी ही सिमला के लिए निकल गए और दीदी घर पे ही रही।

दो दिन की खूब घुमाई के बाद जब हम वापस लोट तो दीदी थक के सोई पड़ी थी और गले में चुनी डाल रखी थी।

उस दिन खाना खा के सोने के टाइम मेने दीदी से पूछा तो कैसा रहा फिर मैडम?

तो दीदी ने कहा की कैसा क्या हालत खराब रही जानेमन।

तो मैने पूछा क्यों काम बना नही क्या

तो दीदी बोली की काम बना ही नही बल्कि काम तमाम भी हो चुका है यार।

तो मैने पूछा कैसे, तो दीदी ने मेरे काफी पूछने पे बताया की यार मेने तो आज तक तुम्हारे जीजू को छोड़ के किसी को दी नही थी, और संजय तो आवारा घोड़ा निकला।

तो मैने भी इंटरेस्ट से पूछा की अच्छा बता तो क्या हुआ फिर।

तो दीदी ने अपनी चुनी हटाई और दिखाया तो मैने देखा की दीदी की गर्दन पे बड़े बड़े लाल लाल निशान बन रखे थे।

दीदी ने बताया की यार संजय का हथियार तुम्हारे जीजू से लगभग दो गुना होगा, और उसने दो दिन जो मेरी ली है, क्या बताऊं, उसने दो दिन में मेरी 6 बार ली है। पहली बार ऐसा लगा की किसी ने मुझे सच में चोद दिया हो। अभी भी दोनो पैरो के बीच उसका हथियार फील हो रहा है, और ठीक से चला भी नहीं जा रहा। मेरी सूज कर कुप्पा हो गई है, उन्होंने बूब्स की तरफ इशारा करते हुए बोला की ये देख यार ऐसा लगता है मेरे बूब्स भी बड़े हो गए दो दिन में।

दीदी को बातें सुन सुन कर मेरी भी गीली होने लगी थी, क्योंकि मेने भी दो तीन बार ही दी थी, और मेरे bf का भी छोटा सा ही था, क्योंकि वो मेरी ही उम्र का था।

अगले दिन मैं दीदी को बस स्टैंड तक छोड़ने गई, और दीदी चली गई।

सब कुछ फिर से नॉर्मल चलने लगा, दीदी प्रेग्नेंट हो चुकी थी, ससुराल वाले भी खुश थे और जीजू भी, करीब 9 महीने बाद दीदी के एक लड़की हुई।

इसी बीच संजय ने बताया की कई बार उनकी आकाश और रचना से बात होती है, वो दोनो खुश है।

मैं सोच रही थी की शायद दीदी ने जीजू को संजय से बात करवाई होगी।

सब बहुत खुश थे

देखते देखते दीदी की लड़की खुशी 1 साल की हो गई।

इसी बीच covid आ गया और हम सब पढ़ाई छोड़ के गांव आ गए, लेकिन दीदी अपने ससुराल नोएडा में ही थी।

अचानक एक बुरी खबर आनी शुरू हुई, दीदी को covid हो गया।

हालांकि ने जान लगा दी, उनके इलाज में लेकिन पहले फेस के कोविड से बचना ना मुमकिन सा हो गया और कुछ दिन बाद ही दीदी चल बसी।

हम दोनो घरों पर दुख के बदल मंडरा रहे थे। इसी बीच दीदी की लड़की को हम लोग अपने गांव ले आए और उसकी परवरिश करने लगे कुछ दिन रोने धोने के बाद अब वो यह मन लगाने लग गई।

कुछ महीनो बाद दोनो घरों में खिचड़ी पक्की और मेरी शादी मेरे जीजू से कराने का फैसला हुआ।

अब मैं और जीजू दोनो ही फस चुके थे। ना तो हम शादी से मना कर सकते थे और न ही ये बता सकते थे की खुशी जीजू की नही बल्कि दीदी और संजय की लड़की है।

करीब एक महीने की ना निकर के बाद हम दोनो को हथियार डालने पड़े।

हमारी शादी हो गई।

अब जीजू आकाश जो की मेरे पति बन गए थे, मेरा खूब खयाल रखते, हालांकि वो अच्छे इंसान भी थे।

बीच बीच में कभी कभी संजय से मेरी बात होती रहती थी।

उन्हे भी मेने बताया की अब मेरी शादी हो गई है और वो मेरे सपने छोड़ दें

इधर खुशी की जिंदगी के साथ साथ हमारी सेक्स लाइफ भी ठीक ठाक चल रही थी, हम दोनो रोज चुदाई करते, संजय का लंड मेरे मेरे bf से थोड़ा बड़ा था। इसलिए मुझे खूब मजे आते।लेकिन साल भर बाद फिर से जिंदगी उसी मोड़ पे आ खड़ी हुई।

ससुराल वाले अब एक पोता चाहते थे।

हम दोनो उन्हे समझते रहे की खुशी ही काफी है और हम दोनो एक और बचा नही चाहते।

लेकिन ससुराल वालों के साथ साथ मेरे घर वाले भी प्रेशर डालने लगे और हम दोनो की मुस्कुल बढ़ती गई।

अब हम दोनो ने सोचना शुरू कर दिया की क्या किया जाए, तो हम दोनो ने एक बार फिर से चेकअप करवाया, लेकिन परिणाम वही निकला।

बहुत कुछ सोचने के बाद आकाश फिर से वही पहुंच गए। बोले की मेरी भी कैसी किस्मत है 2, 2 बीवियां मिली पर दोनो को किसी और के साथ शेयर करना पड़ गया।

तो मैने चुप रही। खेर कुछ दिन बाद आकाश ने बताया की कैसे रचना दीदी अपनी फ्रेंड्स के फ्लैट पे किसी अजनबी के साथ दो दिन रह कर प्रेग्नेंट हुई थी। मैं मन ही मन सोच रही थी की वो फ्रेंड मैं ही थी और वो मेरे ही फ्लैट पे आई थी, और वो अजनबी नही मेरा मकान मालिक संजय ही था।

तो जीजू ने बताया की अगर तुम राजी हो तो हम एक बार फिर से ट्राई कर सकते है।

(मैं भी मन ही मन सोच रही थी, की अब तो शायद संजय को देनी ही पड़ेगी और जिस प्रकार दीदी बता रही थी, उस हिसाब से तो संजय मेरी जमा के लेगा।

क्योंकि मैं संजय का पुराना क्रश थी। उसने मेरे सालों तक सपने देखे है।)

मैने कहा जैसा आपको उचित लगे।

फिर कुछ दिन बाद आकाश ने बोला की मैने उसी इंसान से बात कर ली है उसका नाम संजय है, अगर तुम राजी हो तो हम चलते है।

दिल्ली में उसका फ्लैट है हम कुछ दिन वही रुक सकते है वह रेंट भी नही लेगा और उसी का घर है तो कोई प्रोब भी नही होगी।

मैने कहा देख लो जो आपको उचित लगे।

उधर से संजय का मैसेज आ गया की आ जाओ जान अब कहा जाएगी इस बार हक से लूंगा तुम्हारी।

मैने वापस रिप्लाई किया की आकाश को मत बताना की, मैं पहले यहां रहती थी और वो सब पुरानी बातें।

इस प्रकार सब कुछ प्लान हो गया।

अब मैं 18 की नही 25 की हो गई थी और मेरी फिटनेस तो वैसी ही थी लेकिन फिगर बढ़ गया था, मेरा पिछवाड़ा मोड़ा और चौड़ा हो गया था। बूब्स साइज बढ़ गया था और अब मैं V shape एक भरी पूरी लड़की हो गई थी।

अगले week end पर हम नोएडा से दिल्ली वाली बस में बैठ गए और घर पर 3,4 दिन ऋषिकेश घूम कर आने का बोल दिया।

अब जैसे जैसे हम दिल्ली की तरफ जा रहे थे मेरी धड़कने बढ़ रही थी की आने वाले 4,5 दिन घमासान ठुकाई होने वाली है।

सुबह करीब 10 बजे निकले थे और ट्रैफिक होने के कारण दोपहर के करीब 2 बजे हम वहा पहुंचे। संजय कार लेकर हम लेने आए। उन्होंने अकास से हाथ मिलाया और मुझे हेलो बोला और फिर हम कार में बैठ कर चल पड़े करीब 3 बजे हम फ्लैट पर पहुंच गए समान वगैरा रखने के बाद संजय ने कहा आपको किसी और चीज की जरूरत हो तो बता देना। बाकी हम शाम को मिलते है।

अकास ने भी संजय को बोल दिया की आज शाम को आप यही रुक जाना और फिर बाय कहकर संजय चल पड़ा।

संजय के जाने के बाद……..

आगे की स्टोरी आकाश की जुबानी……

आकाश:-

दोस्तों मेने तो सोचा था संजय कोई साधारण सी कद काठी वाला होगा, मैने तो उसे पहली बार देखा है, ये तो तगड़ा हट्टा कट्टा मर्द है। सच बताऊं तो इसने मेरी पहली बीवी रचना की इतने खतरनाक तरीके से ली थी। की जब वह वापस आई तो उसकी बॉडी पे जगह जगह निशान थे और इसने दो दिन में ही चोद चोद के रचना की चूत ढीली कर दी थी, और सूजा दी थी, इसे देख कर अब समझ में आया की उसने रचना की क्या ली होगी।

खेर आज शाम को मेरी दूसरी बीवी नेहा की बारी थी, जो की रचना से छोटी टाइट और कहीं ज्यादा खूबसूरत और नशीली है।

मैं सोच रहा था की कैसे न कैसे करके आज मैं इसको अपनी बीवी को चोदते हुए देखूंगा।

फिर मैने सोचा की यार मेरी ही तो बीवी है क्यों न मैं पहले ही सब सेटअप कर लेता है।

इतना सोचने के बाद मैं नेहा के पास गया और बोला की नेहा मैं आज इसे तुम्हारे साथ देखना चाहता हु, क्योंकि इसने तुम्हारी दीदी दी दो दिन में ही फाड़ दी थी।

पहले वो कुछ नही बोली, फिर वो बोली की लेकिन कैसे देखोगे।

तो मैने उसे कहा की देखो मैं तुम्हारे रूम में कमरा सेट कर देता हु और फिर मैं मोबाइल पे देखता रहूंगा तो तुम्हे भी डिस्टर्ब नहीं होगा और मैं देख भी पाऊंगा।

इतना कहकर मैं मार्केट से कैमरे लाने चला गया और कुछ देर में ही 2 छोटे छोटे कैमरे ले आया और दोनो को रूम में दोनो साइड छुपा के सेट कर दिया और वायरलेस मोबाइल से कनेक्ट कर लिया।

फिर शाम को संजय एक बैग लेकर आए। उन्होंने उसमे से एक वाइन की बोतल निकाली और बैग थमाते हुए बोले की इसमें आप लोगो के लिए कुछ खाने पीने का सामान, कुछ नेहा की ड्रेसेज है।

फिर हम लोगो ने थोड़ी थोड़ी वाइन पी और फिर संजय ने कहा आप लोग खाना वगैरा खाओ तब तक मैं घर होकर आता हु।

हम लोगो को वाइन का हल्का हल्का नशा हो गया था और फिर हम बैग में से खाना निकाल कर खाने लगे।

खाना कहने के बाद मैने बैग में से जैसे ही ड्रेसेज निकली तो मैं देखता ही रह गया, संजय फूल सेक्सी ब्लैक, रेड, मिडनाइट ब्लू कलर की स्टैन वाली 3 छोटी छोटी ड्रेसेज लाया था।

नेहा शायद शर्मा रही थी पर फिर भी लड़की थी तो ड्रेसेज देखने के लिए रुक नही पाई।

और फिर कहने लगी की यार ड्रेसेज तो बहुत ही सुंदर है लेकिन …. और फिर कहते कहते रुक गई

मैं मन ही मन जल रहा था की ये साला ऐसे ही ड्रेसेज में सेक्सी माहोल बना के ठोकेगा आज मेरी नेहा को।

उनमें से एक ब्लैक कलर की बहुत ही हॉट ड्रेस थी, तो मैने नेहा को वो वाली ड्रेस देते हुए बोला की जाओ अब, कर आओ चेंज, आ गई ड्रेस भी, जरा मैं भी देख तो लूं , उस से पहले की तुम कैसी लगती हो इसमें।

नेहा चुप चाप वाशरूम में चली गई और जब चेंज करके आई तो मेरी आंखे खुली की खुली रह गई।

आज मेरी बीवी मेरी बीवी नही कोई और ही लग रही थी।

उसने अपने होटों पे हल्की हल्की ग्लो जैसी लिपस्टिक लगाई और लाइनिंग वागरा करके एक दम मस्त होके बाहर आई।

ब्लैक ड्रेस में उसकी गोरी गोरी मोटी, चिकनी और टाइट टांगे, उसके बड़े बड़े गोरे बूब्स का क्लेवेज और उसकी डीप बैक साफ साफ दिख रही थी, उसे देखकर मेरा भी लंड फड़फड़ा उठा। आज वो किसी बॉलीवुड की हरामी सिड्यूस करने वाली हीरोइन जैसी लग रही थी।

मुझे समझ में आ गया की आज अगर नेहा ना चाहे तब भी वो डबल चुदेगी। क्योंकि इतनी हॉट लड़की को तो हर कोई जी भरके ही चोदेगा।

मेरे मन में आग लग गई और फ्लैट टॉप फ्लोर वाला था, तो मैने नेहा को कहा की मैं ऊपर जा रहा हु और संजय आए और पूछे तो कहना मैं किसी काम से बाहर गया हु, और अपने आप आ जाऊंगा और मैंने गेट की एक चाबी लेकर ऊपर चला गया छत पे।

करीब एक 30 मिनट बाद संजय आया। गेट की बैल बजी तो मैं समझ गया की संजय आ गया है।

फिर मेने एक सिगरेट जलाई और मोबाइल ऑन करके देखने लगा, लेकिन कैमरे बेडरूम में लगे थे तो अभी मुझे कुछ नही दिख रहा था। मैं सोच रहा था की संजय ने कहीं नेहा को हॉल में हि तो नही चोदना शुरू कर दिया। पर मैं गलत था।

करीब 5, 10 मिनट इंतजार के बाद बेडरूम का दरवाजा खुला आगे आगे नेहा और पीछे नेहा को हग करके चिपका हुआ संजय कमरे में enter हुए। संजय ने पैंट नही उतर दी थी और सिर्फ अंडरवीयर में थे, नेहा के बाल खुले हुए और गर्दन के एक साइड आगे की तरफ किए हुए थे और पीछे से संजय चिपके चिपके ही उसकी गर्दन पे पागलों की तरह kisii करते हुए उसकी जांघो से लेकर बूब्स तक नीचे से ऊपर की ओर हाथ फेर रहा था। और नेहा को धकेलते हुए अंदर ला रहा है।

माहोल इतना टाइट और सेक्सी था की मेरी पूरी जल गई।

वह काफी देर ऐसे ही चिपके चिपके नेहा को सहला सहला के गरम करता रहा और फिर नेहा के पीछे ही नीचे बैठ गया और नेहा के बड़े बड़े कूल्हों पे किसी करते करते उन्हे चाट और काट रहा था। नेहा भी ऊपर मुंह करके तड़फ रही थी। फिर नेहा से सहन नही हुआ तो वो एक दीवार पे दोनो हाथ रख कर खड़ी हो गई और अपनी गांड पीछे की तरफ निकल दी ताकि संजय उसके कूल्हों और चूत को अच्छे से चाट सके।

संजय करीब 15 मिनट तक उसके चूतड़ चाटता रहा, और फिर उठा तो मैने देखा की संजय का लोड़ा अंडरवीयर फाड़ के बाहर आने वाला हो रखा था।

संजय का लोड़ा किसी घोड़े के लोड़े जैसा लग रहा था मैं तो उसे अंडरवियर के अंदर देखकर ही दर गया।

फिर उसने नेहा को एक मुड़े टाइप बैठने वाले छोटे स्पोर्ट पे बैठाया और खुद उसके सामने खड़ा हो गया और नेहा के हाथ पकड़ के अपने लोड़े पे रखा दिए।

पहले तो नेहा थोड़ी शरमाई पर तभी संजय ने नीचे झुक के नेहा के बूब्स दबाते हुए, होटों पर एक जोर दार kiss किया और फिर से खड़ा हो गया। अब नेहा धीमे धीमे संजय के लंड को सहलाने लगी और फिर जैसे ही नेहा ने संजय का अंडरवीयर नीचे खींचा तो संजय का विशाल काय लोड़ा फनफनाते हुए नेहा के मुंह पे जा लगा।

नेहा संजय का लोड़ा देखते ही दर गई थी, कैमरे में भी साफ साफ नजर आ रहा था।

फिर संजय ने नीचे झुक के नेहा के बूब्स सहलाए तो एक और जबरदस्त kissi की और फिर अपना लोड़ा पक्कड कर नेहा के मुंह पर रगड़ना स्टार्ट कर दिया। थोड़ी देर बाद जैसे ही संजय ने लोड़ा नेहा के होटों पे रगड़ना स्टार्ट किया तो नेहा ने हल्के हल्के हॉट खोल दिए और अब संजय अपना लोड़ा नेहा के होटों के अंदर तक रगड़ना स्टार्ट कर दिया।

फिर संजय ने नेहा के बाल पकड़े को मुंह को अपनी ओर खींचा तो नेहा ने मुंह खोल दिया और संजय का लंड नेहा में मुंह में चला गया। अब नेहा भी गरम हो चुकी थी और वह संजय के लोड़े को चूसने लगी।

संजय बीच बीच ने लोड़ा नेहा के मुंह से निकलता नेहा को kiss करता और अपना लोड़ा नेहा के गालों पे जोर जोर से मारता, फिर नेहा ने गरम होकर आंखे बंद कर ली तो संजय ने अपने लोड़े से नेहा की आंखे भी सहला दी।

संजय ने अपना गीला लोड़ा नेहा के पूरे मुंह पर रगड़ा और फूल जोर जोर से लोड़े से नेहा की गालों को पिता।

फिर गरम होकर नेहा ने मुंह खोला और जीभ बाहर निकाल ली और संजय अपना लोड़ा हाथ में फक्कड़ कर हल्के हल्के नेहा की जीभ पर मार मार के रगड़ रहा था। करीब 10 मिनट तक अपने लोड़े से नेहा के मुंह को चोदने के बाद संजय ने नेहा को खड़ा किया और खुद उस जगह बैठ गया।

नेहा उसके सामने खड़ी थी, संजय ने थोड़ी सी देर नेहा की चूत को चाटा और फिर उसे अपनी गोद में बैठा लिया।

नेहा अब बिल्कुल संजय के लोड़े के ऊपर की साइड बैठी थी और संजय का लंड नेहा के नीचे से आता हुआ उसकी गांड की खाई के अंदर से नेहा के पीछे खड़ा दिखाई दे रहा था।

इतनी देर चुसवाने के बाद संजय का लोड़ा विकराल रूप ले चुका था। वहा से उसके लोड़े को देख कर साफ साफ पता चल रहा था की अगर नेहा इसी पोजीशन में लोड़े पे तो पूरा लोड़ा अंदर जायेगा और आंधी नेहा के अंदर तक पहुंच जाएगा।

संजय नेहा की ड्रेस को ऊपर से कंधों से नीचे खिसका कर उसके बूब्स चूस रहा था और नेहा बैंड होकर पीछे की तरफ लटकी हुई उसे बूब्स चूसा रही थी। करीब 15 मिनट तब बूब्स चूस चूस के लाल कर दिए तब संजय ने नेहा के होटों पर kisii करना स्टार्ट कर दिया और करीब एक मिनट तक बेदर्दी से होटों को खाने के बाद उसने नेहा की कमर थप थपाई।

मुझे पता चल गया था की नेहा भी अब पूरी गरम होई पड़ी है और ये उसे अब अपने लोड़े पे बैठने का बोल रहा है।

 फिर संजय ने नेहा को खुद से छिपा लिया और नेहा थोड़ा सा उठी और संजय के लोड़े को थोड़ा सा अपनी चूत पे रगड़ा और उसके ऊपर बैठने लगी।

पर जैसे ही नेहा बैठने लगी नेहा को पता चल गया था की उसका लंड कितना विकराल है। और वो वापस उठने लगी लेकिन संजय ने उसे वहीं पकड़ लिया और धीरे धीरे नीचे खींचे हुए उसे अपने लोड़े पे बैठता गया और नेहा कसमसाने लगी, उसका मुंह खुला का खुला रह गया, और मुंह से साफ साफ लग रहा था की वो जोर जोर से चीख रही थी। और जैसे जैसे वो बैठती गई उसकी आंखो से आंसू की धार निकल निकल कर टपकाने लगी। देखते देखते उसने नेहा को पूरा बैठा लिया और अब संजय का लंड नेहा की चूत को फाड़ता हुआ जड़ तक अन्दर चला गया। और नेहा बेहाल होकर संजय पर गिर पड़ी।

संजय ने भी नेहा को जोर से खुद से चिपका लिया और धीरे धीरे नीचे से झटके देने लगा।

करीब 5 मिनट बाद नेहा संजय की कमर को सहला सहला कर और जोर से चिपकने लगी तो मुझे पता चल गया की नेहा का अब दर्द कम हो गया और वो फ्री हो रही है।

फिर धीरे धीरे नेहा भी ऊपर नीचे होने लगी और फिर चुदाई स्पीड पकड़ गई करीब 10 मिनट ऐसे चोदने के संजय नेहा को लेकर लंड अंदर डाले डाले ही खड़ा हो गया और दीवार के पास नेहा को लगाकर खड़े खड़े ही 10,15 झटके मारे और नेहा के हॉट चूसे, अब नेहा को पता नहीं अचानक क्या हुआ की वो संजय के बालों को फक्कड़ कर उसे जोर जोर से किसी करने लगी, इधर नेहा जितना जोर से kiisi करती उधर संजय उतना जोर जोर से झटके करता।

फिर वहा से उठा के संजय सीधा नेहा को बेड पे ले गया और उसकी दोनो टांगे चौड़ी करके उसके ऊपर लेट गया। दो चार झटके मरने के बाद उसने एक तकिया लिया और खुद थोड़ा ऊपर उठा तो नेहा भी अब टांगो से पक्कड़ कर संजय की कमर से चिपकी हुई थी तो उसके साथ ही वह भी उठ गई और फिर संजय ने नेहा की गांड के नीचे एक तकिया लगाया।

और फिर उसके ऊपर लेट गया। संजय इतना हट्टा कट्टा था की नेहा की सिर्फ हल्की सी गांड और उसका face दिख रहा था बाकी पूरी नेहा संजय के नीचे दब गई थी।

संजय अब मेरी बीवी को गद्दा बनाकर उसके ऊपर लेट कर उसे छोड़ रहा था और वो उसके बालों और कमर सब जगह सहला रही थी।

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद संजय ने दो चार जोर जोर के झटकों के साथ ही सारा माल नेहा की चूत में छोड़ दिया और वैसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा। नेहा उसे सहलाती रही।

करीब 10 मिनट मिनट बाद जब वह खड़ा हुआ तो मेने देखा की नेहा की चूत फेल कर भोसड़ा बन चुकी थी एक बार में ही।

जब संजय ने लंड बाहर निकाला तो नेहा की चूत में इतना बड़ा छेद दिखाई दे रहा था की अगर मैं इस वक्त अपना लंड डालता तो नेहा के टच भी नही होता और उसे छेद में पूरा चला जाता।

और अब धीरे धीरे संजय के माल की कुछ बूंदें नेहा की चूत से तकिए पर टपक गई थी ।

दोस्तों क्या बताऊं पोजीशन और ड्रेसेज बदल बदल कर संजय ने 3 दिन तक नेहा को खूब चोदा खूब चोदा और मैं देखता रहा।

3 दिन में संजय ने नेहा को 11 बार चोदा और जब हम घर पहुंचे तो मैने देखा की नेहा के बूब्स बड़े हो गए है और चूत सूज कर डबल रोटी जैसी और एक दम लाल हो गई थी।

नेहा घर जाने के बाद भी करीब 3 दिन तक चौड़ी टांगे करके चलती रही।

और फिर एक हफ्ते बाद टेस्ट

करवाया तो वो पॉजिटिव थी।

कहानी अच्छी लगी हो तो कमेंट करें।

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