Chhoti Bahan Ki Chudai Ki Kahani – छोटी बहन की चुदाई की कहानी

Chhoti Bahan Ki Chudai Ki Kahani – छोटी बहन की चुदाई की कहानी

कुटुम्ब ३

सुबह उठने के बाद सब ने अपने काम की जगह पर बात करके छुट्टी ले ली।सब लोग ने दो पहर का खाना खाने के बाद सब नौकरों को शाम को छुट्टी दे दी और खाना घर में ही साथ में मिलकर बनाने का फैसला लिया जिस से किसका आवन जावन न रहे और पूरी गोपनीयता रहे।खाना खाने के बाद सब लोग मेरे रूम में इक्कठे हुए।तो पिंकेश ने बताना शुरू किया के कैसे दोनो भाईयो ने मिलकर चूदाई करना शुरू किया।

पिंकेश बोला

मेरा लग्न पिंकी के साथ हो जाने के बाद हम दोनो खूब चूदाई करते थे।दिन में दो तीन बार,छुट्टी के दिन दो पहर को भी चूदाई करते थे।चूदाई करते वक्त हम अलग अलग कल्पना करने लगे थे।साथ में हम दोनो पोर्न फिल्म और चूदाई की वार्ता भी पढ़ते थे।उसमे हम को बीवियां बदल बदल कर चूदाई करने की फिल्म और स्टोरीज बहुत मजा देती थी।

एक साल के बाद हम दोनों में चूदाई कम होने लगी।हम दोनो को चूदाई में पहले जैसा मजा आता नहीं था।तो हम दोनों ने सोचा कि वाइफ स्वैपिंग के लिए प्रयत्न किया जाए।तो मैने अपना एक नकली पहेचान बनाई और चैट रूम में जाकर चैट कर ने लगा। वहां बीवियां बदल कर चूदाई करने वाले ऐसे तीन चार जोड़ो से चैटिंग होने लगा।बाद मे एक कपल को पसंद करके रूबरू मुलाकात की बात करने को और मिलने को हम संमत हुए।पहले हम पुरुषो ने मिलने लिए तैयार हुए।समय,दिन और जगह नक्की करने के बाद कैसे एक दूसरे को पहचाने और पहचान ने के कोड भी नक्की कर लिए।

मुलाकात के दिन और वक्त पर सही जगा पर में अकेला चला गया।वो सामने वाला व्यक्ति कैसा होगा वो सोचने लगा।पसंद ना पसंद कैसी होगी वो सब बातें मन में घूम रही थी। मैं उससे कैसे बात करूंगा वो बात भी मुझे खाए जा रही थी।कहीं फस न जाए उसका भी टेंशन होने लगा।फिर भी हिम्मत करके वहीं पहुंच गया और उसी जगह पहुंचते ही मैं आश्चर्य चकित हो गया।वहां मेरे बड़े भैया पियूष भाई बैठे थे।मुझे देख कर वो बोले कि तू यहां क्या कर रहा हैं।मैने कोड वर्ड बताया तो उन्हों ने भी कोड वर्ड बताया।फिर हम दोनों हस दिए।फिर हम दोनों भाई गले मिले और बैठ कर बातें करने लगे।फिर हम दोनों अपने अपने काम पर लौटे।

रात को हम दोनों घर लौटे।पिंकी ने पूछा की तुम मिलने गए थे तो क्या हुआ।मैने कहा रात को सोते समय बताऊंगा।पियूष भाई भी पिंकी को घूरने लगे थे और मैं भी प्रीति भाभी को घूरने लगा था।अब भाभी की और देखने का नजरिया ही बदल गया।हमारे मम्मी पापा को कुछ पता नहीं चला।उनका बेड रूम नीचे था और एक गेस्ट रूम नीचे था।ऊपर बड़ा हॉल था और दो बेड रूम थे।हम दोनों भाई ऊपर सोते थे।

रात को हम ऊपर गए।पियूष भाई प्रीति भाभी को लेकर हमारे रूम में आए।फिर उन्होंने बताया कि वाइफ स्वैपिंग की जिस से मिलना था वो पिंकेश हैं।थोड़ी देर बाद दोनों स्त्रियों को समझ में आया।और वो दोनो एक दूसरे की बाहों में समा गई और हसने लगी।पिंकी बोली की प्रीति भाभी आप भी।थोड़ी देर बाद दोनो अलग हो गए और बोले अब कोई डर नहीं।देवरजी आप भी इतने शौकीन हैं वो तो मुझे पता ही नही चला।तब पियूष भाई ने पिंकी को गले लगा लिया और मैने प्रीति भाभी को। दोनों भाई एक दूसरे की बीवी को बाहों मे लेकर चूमने लगे और गोल गोल घुमाने लगे।मैने प्रीति भाभी पर अपना हाथ घुमाने लगा और उसको चुम्बानो से नहलाने लगा।उन्होंने अपनी नाइटी के अंदर कुछ नहीं पहना था।मैने भी अपना टी शर्ट उतार दिया और बॉक्सर भी उतार कर नंगा हो गया और पियूष भाई भी वैसे नंगे हो गए।मैने प्रीति भाभी को नंगा कर दिया और पियूष भाई ने पिंकी को।मैने प्रीति भाभी को अपने शरीर के साथ घिसने लगा और दबाने लगा।मैने प्रीति भाभी की चूची मुंह में लेकर चूसने लगा।पियूष भाई भी पिंकी की चूंचियों को सहलाने लगे और मसलने लगे।हम दोनों ने एक दूसरे की बीवी को बेड पर लिटा दिया। मैं प्रीति भाभी पर लेट गया और उसकी चूंची मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरी को हाथ से मसल ने लगा।कभी निप्पल को मुंह में डाल कर काटने लगा और दूसरी निप्पल को उंगलियों के बीच लेकर मसलने लगा और नाखून फिराने लगा।अब दोनों भाई दोनो की चूंचियों पर ऐसे ही टूट पड़े।फिर हम दोनों ने एक दूसरे की बीवियों को चोद दिया। चारों ने बहुत मजा किया।फिर तो ये सिलसिला चल पड़ा वो अभी भी खत्म नहीं हुआ।

पिंकेश ने ऐसे दो भाईयो ने मिलकर चूदाई शुरू की बात कही अपना वक्तव्य पूरा किया।

मैने पिंकेश से कहा इसी लिए तुम्हारे भाई भाभी आ रहे हैं।वो दोनो को अकेले मजा नहीं आया होगा और यहां हमारी सामूहिक चूदाई की बात सुनकर उन लोगों से रहा नहीं गया होगा।पिंकेश बोला हां पापाजी।मैने कहा कि क्या तुम्हारे मां बाप तुम लोगो की ये सामूहिक चूदाई के बारे में नहीं जानते?तो पिंकेश ने बताया कि वो लोग ये बात नहीं जानते।पिंकी बोली पापा ये दोनो भाई को मेरी सास की बड़ी बड़ी चूचियां को लेकर बेताब रहते हैं।तो मैने कहा की क्या आप दोनो भाई अपने साथ में मां बाप को मिलाना चाहते हो?तो पियूष ने हां बोला। मैंने कहा कि अब मैं कुछ रास्ता निकलता हूं।फिर रमेश बोला चलो हम सब चूदाई करें।पिंकेश बोला मैं मम्मीजी के साथ चूदाई करूंगा,रमेश बोला मैं पिंकी दीदी के साथ मिलकर चूदाई करूंगा।रमोला बोली बाकी तो अब मैं और पापाजी ही बचे।क्या पापाजी करनी है या आराम करना है।मैने कहा हम दोनों बैठ कर इन लोगों को देखते हैं,हम ने तो कई बार साथ में मिलकर चूदाई की हैं।

फिर पिंकेश उसकी सास अनिला के साथ गया और रमेश ने पिंकी को पकड़ लिया।में अनिल और बहु रमोला मेरी गोद में आकर बैठ गई।पिंकेश को अनिला ने बाहें फैला कर उसे अपने गले लगा लिया और बोली आजा मेरे बेटे,दामाद भी बेटे जैसा ही होता हैं।आजा आजा मेरे लाल। उसको चुम्बनों से नहला दिया और पिंकेश अनिला से लिपट गया।अनिला के गले मिलने के साथ पिंकेश ने अपनी सास की पीठ पर हाथ घुमाने लगा और उसके नितंब दबाने लगा और उसको अपने शरीर के साथ जोर से दबाने लगा।वो बाद बड़ाने लगा कि मम्मीजी आप कितनी अच्छी हैं,अगर मेरी मम्मी आप जैसी होती तो कितना मजा आता।पिंकेश ने अनिला का ब्लाउस निकाल कर उसकी ब्रा भी खोल दी और उसकी बड़ी बड़ी चूचियां मसल ने लगा और मुंह में लेकर चूसने लगा।थोड़ी देर में वो भी कपड़े निकाल कर नंगा हो गया और बाकी के कपड़े अपनी सास के भी निकाल दिए।उसने अनिला अपनी सास को बेड पर लिटा कर वो भी उस पर लेट गया और चुन्चिओ से चिपक गया।अनिला भी उसे अपनी बाहों मे भर कर चिपका दिया।थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद पिंकेश ने अनिला की चूंची पर जीभ फिराने लगा और निप्पल काटने लगा।दस मिनट ऐसे ही करते रहे और फिर उसने सास के शरीर को सहलाते चाटते हुए चूत पर आ गया और चूत में जीभ डाल कर अंदर बाहर करने लगा।अनिला की चूत गीली होने पर उसने अपना लन्ड डाल कर गरम चूत का मिलन किया और थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा।बाद मे दोनो ने कमर हिला हिला कर चूदाई शुरू कर दी।पिंकेश अनिला की चूत में लन्ड जोर से धक्का लगा कर चोद ने लगा।

रमेश और पिंकी दोनो भाई बहन एक दूसरे को जकड़ कर एक दूसरे से चूमा चाटी करने लगे।पिंकी बोली की रमेश मुझे पता ही नहीं चला कि तू भी चूदाई में ज्यादा दिलचस्पी रखता है।रमेश बोला असली मजा तो साथ मिलकर चूदाई करने में आता है।पिंकी तू भी इतनी चूदाई में दिलचस्पी रखती हैं वो तो मुझे पता ही नही चला।कॉलेज के समय से पोर्न देखती थी ये तो आज ही मालूम हुआ।पिंकी बोली कि अगर तुजे पता चल गया होता तो तूने शादी से पहले ही मुझे चोद दिया होता।और वो हसने लगी।रमेश बोला कि हां ऐसा हो सकता था।दोनो ने अपने कपड़े उतार कर चूदाई में लग गए।रमेश पिंकी की चूंचियों और निपल चूसने लगा और मसल ने लगा।तो पिंकी भी रमेश का लन्ड सहलाने लगी और मसल ने लगी।रमेश ने भी पिंकी की चूत को सहलाने लगा और दाने को मसलने लगा।थोड़ी देर बाद रमेश ने पिंकी की चूत चट कर पिंकी की चूत का पानी निकाल दिया और खुद उसके पांव चौड़े कर के बीच में बैठ कर अपना लन्ड चूत पर रख कर एक धक्का लगा कर चूत में घुसा दिया और फिर दूसरे धक्के में पूरा अंदर डाल कर पिंकी पर लेटा रहा फिर उसने चूदाई करते हुए लन्ड अंदर बाहर करने लगा।

रमोला मेरी गोद में बैठ कर ये सब बातें सुन रही थी और अनिला पिंकेश की और रमेश पिंकी की चूदाई देख रही थी।में भी यह देख कर गरमा ने लगा और रमोला की चूंचियां मसलने लगा।चूदाई चीज ही चेपी रोग की तरह हैं,देखते देखते दूसरो मे फैल जाती है।जो भी चूदाई देख रहा होता हैं उसको चोदने का मन करता ही है।मैने भी रमोला को पूछा की चूदाई की जाए या नहीं तो रमोला ने भी चूद ने की हां कही।फिर मैं भी रमोला को चोदने लगा।

हम तीनों ने चूदाई खत्म की और अपने साथी के साथ लिपटे रहे और बाते करते करते सो गए। शाम को जब सब जाग कर अपने कपड़े पहन कर काम में लग गए।थोड़ी ही देर में पिंकी के जेठ जेठानी,पियूष और प्रीति आ गए।उनका स्वागत करके सब लोग बातें करने लगे।उन्होंने बताया कि प्रीति के मायके में अकेले में चूदाई का मजा नहीं आता था और फोन से पिंकेश के साथ बात करते हुए लगा की हम लोग साथ में रह सकते हैं इसीलिए प्रीति और पियूष अपने छोटे भाई पिंकेश के ससुराल आ गए।तो पिंकेश ने पियूष को बताया कि कैसे यहां सब लोग ने मिलके एक दूसरे के साथी बदल कर चूदाई की।पिंकेश ने ओर भी बताया कि सासुमा की बड़ी बड़ी चूचियां दबाने,मसलने और चूसने मे कैसा मजा मिला।

शाम को डिनर होटल में लेकर सब लोग घर आ गए और सोने के लिए तैयार होने लगे।रमेश ने पिंकेश और पियूष को पूछा कि आप दो भाईयो अलग सो जाते हैं और हम लोग अलग अलग।तो पियूष बोला कि नही,हम चारों जोड़ियां साथ साथ मजा करेंगे।तो सब लोग मेरे बेडरूम में आ गए।तो रमेश ने पूछा कि कौन किसके पास जाएगा?तो पियूष बोला मैं तो अनिला आंटी के साथ करूंगा।तो उसकी बीवी प्रीति बोली, हां आंटीजी की बड़ी बड़ी चूचियां मिलेगी।और सब हसने लगे।रमेश बोला मैं प्रीति भाभी के साथ करूंगा तो प्रीति ने भी हां बोल दिया।पिंकेश बोला मैं रमोला भाभी को चोदूंगा।तो मैं बोला तो अब मैं और मेरी बेटी पिंकी बचे।तो हम दोनों चूदाई करेंगे।प्रीति बोली कि बाप बेटी चूदाई करते हैं!सब लोग एक दूसरे के सामने देखने लगे।मैने कहा की हां,यहां बाप बेटी और मां बेटा भी करते हैं,साथ में तुम्हे ससुर बहु भी और सास दामाद भी चूदाई करते हुए मिलेंगे।प्रीति बोली कि क्या मेरे सास ससुर भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं?अगर ऐसा हो जाए तो घर में ही कितना मजा आ जायेगा।मैने कहा कि प्रीति ऐसा हो सकता हैं।चूदाई खत्म कर के बाद मे हम बात करते हैं।

सब लोग कपड़े निकाल कर चूदाई में लग गए।पियूष लेटी हुई अनिला पर बैठ कर अपने दोनो हाथों से चूंचियां पकड़ कर आटे की तरह मसलने लगा और निपल को उंगलियों बीच में लेकर मसलने लगा।अनिला भी उसका लन्ड पकड़ कर मसलने लगी।रमेश भी प्रीति को अपने शरीर पर चिपका कर जकड़ लिया।दोनो अपने शरीर को एक दूसरे से रगड़ ने लगे।आखिर प्रीति को लिटा कर उस पर लेट कर उसकी चूचियों से खेलने लगा,चूसने लगा।रमेश ने आखिर में अपने होंठ प्रीति की चूत पर चिपका दिए और चूसने लगा।उसकी चूत मे जीभ डाल कर चूत की दीवारों पर कुरेदने लगा जिस से प्रीति के मुंह से आह निकल गई और रमेश ने चूत के दाने को भी मसलने लगा और चूसने लगा।पिंकेश रमोला को चोदने लगा।रमोला बोली कि पिंकेश कभी सोचा था कि तुम अपनी शहलज को चोद पाओगे?पिंकेश बोला नहीं कभी सपने में भी नहीं सोचा था।अगर ये सब पहले हुआ होता तो कितना मजा लूट चुके होते।मैने भी अपनी बेटी पिंकी को चूमते हुए उसको बाहों में भींच लिया और उसके पूरे बदन को सहलाने लगा।उसने भी मुझे भींच लिया और मुझे चूमने चाटने लगी।मैने उसको कपड़े निकाल कर नंगा कर दिया और उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए।वो फिर से मुझसे लिपट गई।मैने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी चूचियां मसल कर चूसने लगा।उसने भी मेरे लन्ड को पकड़ कर मसलने लगी और मेरे लन्ड को खड़ा कर दिया।मैने भी उसकी चूत को सहलाने लगा। थोड़ी देर में ही हम दोनों बाप बेटी चूदाई में लग गए।

चारों तरफ मादकता और चूदाई के उन्हाकारे की आवाज सुनाई देने लगी।दस पंद्रह मिनट में सब लोग चूदाई करते करते झर गए और संतुष्ट हो कर एक दूसरे से लिपट कर सो गए। आधे घण्टे के बाद सब लोग उठ कर वाशरूम जाकर सफाई करके वापिस आ गए।

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