सेक्स के बारे में महत्वपूर्ण बातें – Tips For Better Sex

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• हमेशा दिन में सेक्स संबंध बनाने से बचना चाहिए। रात को ही सेक्स करना चाहिए क्योंकि रात को सेक्स करने से सेक्स का पूर्ण आनन्द मिलता है। 
• खाना खाने के तुरंत बाद सेक्स नहीं करना चाहिए। इससे पाचन तंत्र खराब होता है। खाना खाने के लगभग तीन-चार घंटे बाद ही सेक्स करना चाहिए। 
• आधी रात को किया गया सेक्स काफी आनंददायक होता है। सूर्य निकलने से कुछ समय पहले सेक्स संबंध नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह शारीरिक व मानसिक दोनों ही तरह से काफी नुकसानदायक होता है। 
• भूख, प्यास तथा अधिक भोजन आदि की स्थिति सेक्स संबंधों के लिए बहुत हानिकारक होती है। 
• अधिक उतावलापन, बेचैनी तथा अधीरता में सेक्स संबंध नहीं बनाना चाहिए। इससे सेक्स का आनन्द नहीं मिलता है और साथ ही मानसिक तनाव बढ़ जाता है। 
• पानी के भीतर, शौचालय, कार के भीतर, गुफा, खुले मैदान, चौराहे, झाड़ियों की आड़ आदि स्थानों पर सेक्स संबंध नहीं बनाना चाहिए। 
• एक से अधिक स्त्री के साथ सेक्स संबंध नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इससे रोग हो सकता है। 
• यदि सेक्स के बाद लिंग पर किसी प्रकार के चिह्न या घाव आदि दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 
• अधिक सेक्स कभी नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। 
• वेश्या, कॉलगर्ल एवं पराई स्त्री के साथ यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए। इससे सेक्स रोग हो सकता है। 
‘सुश्रुत संहिता’ और ‘चरक संहिता’ के अनुसार किस ऋतु में कितनी बार सेक्स करना चाहिएः


ऋतु शिशिर बसंत ग्रीष्म वर्षा शरद हेमंत
महीने दिसम्बर-जनवरी फरवरी-मार्च अप्रैल-मई जून-जुलाई अगस्त-सितंबर अक्टूबर-नवंबर
सेक्स कितने दिनों के अंतर पर करना चाहिए 3 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
इच्छानुसार (कृष्ण पक्ष.) 3 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
3 दिनों के अंतर पर (कृष्ण पक्ष.) 15 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
15 दिनों के अंतर पर (कृष्ण पक्ष.) 3 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
15 दिनों के अंतर पर (कृष्ण पक्ष.) 3 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
3 दिनों के अंतर पर (कृष्ण पक्ष.) 3 दिनों के अंतर पर (शुक्ल पक्ष.)
इच्छानुसार (कृष्ण पक्ष.)
सेक्स की उत्तेजना सबसे अधिक कब होती है रात्रि में (शुक्ल पक्ष.)

रात्रि में (कृष्ण पक्ष.)
दिन-रात कभी भी (शुक्ल पक्ष.)
दिन-रात कभी भी (कृष्ण पक्ष.) रात्रि में (शुक्ल पक्ष.)

दिन में (कृष्ण पक्ष.)
हल्के वर्षा के समय (शुक्ल पक्ष.)
बादलों की गरज के समय (कृष्ण पक्ष.) रात्रि में (शुक्ल पक्ष.)

रात्रि में (कृष्ण पक्ष.)
रात्रि में (शुक्ल पक्ष.)

रात्रि में (कृष्ण पक्ष.)

स्थान सेक्स बंद कमरे में जहां अधिक ठंड हो वहां करना चाहिए। जंगल में बने घर में सेक्स करना चाहिए। जहां मौसम न अधिक गर्म हो और न अधिक ठंड हो वहां सेक्स करना चाहिए। समान्य से थोड़े कम तापमान वाले स्थान पर सेक्स करना चाहिए। जहां जहां मौसम न अधिक गर्म हो और न अधिक ठंड हो वहां सेक्स करना चाहिए। हेमंत के मौसम में गर्म कमरे में सेक्स करना  चाहिए। 

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