Hindi Incest Stories : रिश्तों या रिश्तेदारों में चूत चुदाई की कहानियाँ

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रिश्तों या रिश्तेदारों में चूत चुदाई की कहानियाँ Sex Stories, Hindi Incest Stories

करीब एक महीने बाद एक दिन मेरा नाईट सिफ्ट थी अंजना का फ़ोन आया की आज ऑफिस में पार्टी है तो थोड़ा देर हो जायेगा तुम फैक्ट्री चले जाना | मैंने बोला ठीक है पर मेरे दिमाग में आया आज जरूर कुछ होगा क्यों की मनीष की बीबी भी मायके गई हुई थी| ये सोच कर मैंने ऑफिस में बोल दिया आज मै नहीं आऊंगा |

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और पीछे अपने बैठने का अरेजमेंट कर दिया | मै ९ बजे के आसपास घर से निकल गया| ११ बजे मै वापस आकर पीछे से बालकनी में बैठ गया | मेरी बालकनी कवर की हुई थी इसलिए कुछ पता नहीं चलता था | मैंने देखा अंजना आ गयी थी |

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अंजना ने मुझे फ़ोन किया पर मैंने SMS करदिया बिजी हु कल करूँगा | आज वो बहुत अच्छी लग रही थी लेकिन कुछ परेशान भी दिख रही थी | ऐसा लग रहा था किसी का वेट कर रही थी | तभी बेल बजी अंजना हड़बड़ाते हुए दरवाजा खोला तो बाहर मनीष के अलावा एक और आदमी था अंजना ने नमस्ते करते हुए बोला आइये सर | तो वो आदमी बोला मनीष बताता था की तुम यही रहती हो आज सोचा तुम्हारा घर देखता चलू| अंजना ने बोला चाय लेंगे सर तो वो बोला नहीं नहीं फिर कभी और गुड नाइट बोल के जाने लगा तो मनीष बोला अच्छा इन्हे छोङ के आता हु |

अंजना फिर टॉयलेट चली गई और परेशान लग रही थी | थोड़ी देर बाद मनीष आया और दरवाजा बंद कर दिया | अंजना कहा हो मनीष ने कहा तभी अंजना टॉयलेट से बाहर आई | मै यहाँ हु आज बड़ी जल्दी में हो | अरे स्पेशल पार्टी के लिए किसे जल्दी नहीं होगी मनीष ने कहा | स्पेशल पार्टी तो तुम पहले ही ले चुके हो अंजना ने कहा | तो आज मै तुम्हे स्पेशल पार्टी दूंगा, अंजना को बाहों में भरते हुए मनीष ने कहा | अच्छा आज क्या है जो अंजना कुछ बोल नहीं पायी क्यों की मनीष उसके होठो को चूमने लगा था | मनीष और अंजना के शरीर एक दम चिपके हुए थे और मनीष अंजना के होठो को चूसते हुए मसल रहा था |

अंजना ने अपने को छुड़ाते हुए बोला क्या कर रहे हो मार डालोगे क्या तो मनीष ने कहा उस दिन रचना की वजह से पूरा मजा नहीं आया था तुमने तो पुरे कपडे भी नहीं उतारे थे वो सारी कसर आज निकालूंगा | ये कहकर मनीष ने अंजना को गोद में उठा कर बेड रूम में चला गया | अंजना को बिस्तर पे डाल कर चूमने लगा और कुर्ते के ऊपर से ही चूचिओ को मसलने लगा | मैंने पहले ही कहा था की यदि आप सेक्स के बारे में ज्यादा सोचो या करो तो कई चीजे बुरी नहीं लगती और उत्तेजित करती है वैसा ही आज मेरे साथ हो रहा था | मुझे मनीष का अंजना के साथ ये सब करना बुरा नहीं लग रहा था और मुझे उत्तेजित कर रहा था | मेरा लन्ड खड़ा हो गया था और झटके मार रहा था पर मुझे अभी पूरा शो देखना था इसलिए मै इस पर ध्यान नहीं दे रहा था | उधर मनीष अंजना के कुर्ते की जिप खोलते हुए अंजना से उतारने को कह रहा था |

फिर उसने कुरता उतार दिया | उफ़ क्या चूचिया थी अंजना की आज कुछ ज्यादा ही मस्त लग रही थी | अब मनीष ने ब्रा भी उतार कर चूचिओ को मुक्त कर दिया और एक एक कर चूसने लगा अब अंजना भी उत्तेजित हो रही थी | वो आंखे बंद करके मजे ले रही थी उसके चूचिया टाइट हो गई थी निप्पल खड़े हो गए थे वो मनीष के सर को सहला रही थी | जार धीरे से चुसो न मादक अंदाज में अंजना ने कहा | क्या करू सब्र ही नहीं हो रहा है इतनी मस्त चूची है तुम्हारी उस दिन इन्हे चूस नहीं पाया था केवल पानी गिरा के चला गया था| आज तो रचना भी नहीं है और राज भी नहीं है | अब मुझे ध्यान आया कुछ दिन पहले मै रात में आया और अंजना को चोद रहा था तो उसकी चुत काफी गीली थी और सफ़ेद सफ़ेद कुछ निकल रहा था वास्तव में वो मनीष का वीर्य था |

उस दिन मैंने चुत को चाटा भी था मतलब मैंने मनीष के वीर्य को भी चाट लिया ये सोच कर मुझे अजीब लगा पर अब क्या कर सकते है | उधर मनीष अब अंजना के चूची चूसते हुआ हाथ से टागो के बीच चुत सहला रहा था | अंजना ने भी टंगे फैला कर उसका काम आसान कर दिया था | थोड़ी देर बाद मनीष ने अंजना से सारे कपडे उतारने को कहा और खुद भी कपडे उतारने लगा | अब दोनों नंगे हो गए क्या नजारा था अंजना का बदन चमक रहा था | चुत एकदम चिकनी थी मनीष का लन्ड तना खड़ा था ७ इंच का होगा |अंजना का हाथ मनीष के लन्ड को सहला रहा था

आज तो काफी बड़ा लग रहा है अंजना ने कहा , यही तो स्पेशल पार्टी देगा कहते हुए मनीष ने अंजना के मुँह में लन्ड डाल दिया अंजना चूसने लगी मनीष चोदने के अंदाज में आगे पीछे करके अंजना को चोदने लगा | अंजना भी बड़े मजे से चूस रही थी | थोड़ीदेर बाद मनीष ने अंजना के टैंगो को फैला कर चुत देखने लगा | आह क्या चुत लग रही थी | चिकनी चुत बीच में गुलाबी लाइन ऐसा लग रहा था की दो पाओ के बीच गुलाबी जैम लगा हो | मनीष बड़े प्यार से दोनों हटो से चुत ले किनारे पकड़ के हल्का हल्का फ़ैलाने लगा अंदर का गुलाबी माहौल बहुत ही सेक्सी लग रहा था फिर झुक कर पतले होल में जीभ फिराने लगा | आह की आवाज अंजना के मुँह से आयी | क्या हुआ मेरी जान मनीष ने पूछा बहुत मजा आ रहा है जीभ अंदर डाल दो और हिलाओ आह अंजना ने धीरे से कहा | मनीष अब पूरी तरह अंजना की चुत चूस रहा था चुत अपना रस निकालना शुरू कर दिया था | अब देर न करो मनीष रहा नहीं जा रहा है अंजना ने ब्याकुल हो के कहा |

अंजना अपना चूतड़ उठा उठा के मनीष के मुँह पर चुत रगड़ रही थी और तड़प रही थी छोड़ने के लिए | मनीष चुत छोड़ने को तैयार नहीं था फैला फैला के चाट रहा था | अंजना से जब रहा नहीं गया तो मनीष को खींच कर चूमने लगी और ऊसके लन्ड को चुत पर रगड़ने लगी | अब मनीष को लगा देर नहीं करना चाहिए उसने अंजना के टागो को फैला के दो उंगलियों से चुत फैलाया और अपने लन्ड को छेद पर रख कर हल्का धक्का मारा लन्ड अंदर जाना शुरू हो गया और अंजना की हलकी सी चीख निकल गई | उसका लड़ काफी मोटा और लम्बा था | जरूर उसने कोई दवा लो होगी |अब पूरा लन्ड चला गया साथ हो मानिस चूचिओ को दबाते हुए होठो को चूस रहा था | अब लन्ड अंदर बाहर होने लगा | हर शॉट पर धप की आवाज होती थी |

अंजना ने टागो से मनीष को पकड़ रक्खा था और मनीष चोदे जा रहा था घप घप घप घप की आवाज आ रही थी | अंजना भी चुत उठा उठा के चुदवा रही थी | अचानक अंजना ने मनीष को जोर से पकड़ के दबा लिए और झटके मारने लगी मतलब वो झड़ रही थी | जबरजस्त झटके मार रही थी ऐसा लग रहा था मनीष को ही अंदर ले लेगी | पर मनीष मस्ती से चोदे जा रहा था | अब फच्च फच्च फच्च की आवाज आ रही थी हुए चुत से छींटे उड़ रहे थे | अंजना शांत हो गई पर मनीष पूरी स्पीड से चोदे जा रहा था | थोड़ी देर बाद अंजना ने कहा टॉयलेट जाना है तो मनीष ने पूछा क्यू | पानी पानी लग रहा है साफ करके आती हु | ऊसके बाद मनीष ने लन्ड निकला फच्च की आवाज के साथ बाहर आ गया | अंजना टॉयलेट चली गई |

मनीष ने भी अपने लन्ड को साफ किया और सहलाने लगा | लन्ड अभी भी पूरा खड़ा था लग रहा था की आज अंजना की चुत का कबाड़ा निकले गए तभी मनीष का फ़ोन बज उठा उधर की आवाज तो सुनाई नहीं देरही थी पर मनीष कह रहा था है हो रहा है , बड़ी मस्त है दिलवा दूंगा | मुझे लगा की किसी और से अंजना को चुदवाने बात शायद कर रहा था | शायद ये वही आदमी था जो शाम को मनीष के साथ आया था | तभी अंजना बाहर आयी और बेड पर बैठते हुए मनीष के लैंड से खेलने लगी | बहुत ताकत है इसमें और चूमने लगी | मनीष ने अंजना को उठा के लन्ड पर बैठने के लिए कहा और अंजना ने लन्ड को चुत पे एडजस्ट करते हुए बैठ गई पूरा लन्ड अंदर चला गया था | अंजना झुक कर मनीष को चूमने लगी और गाड़ उठा उठा के चुदवाने लगी | किसका फ़ोन आया था अंजना ने पूछा ,तुम्हारे बॉस का वो भी तुम्हे चाहता है मनीष ने कहा | तुमने बता दिया है क्या अंजना ने कहा है और क्या वो तो कहता है उसने तुम्हारे चूचिया खूब दबाई है |

खूब तो नहीं २ बार दबाई है पार्टी में जब हम डांस कर रहे थे | चुदाई असर कर रही थी इसलिए बोल नहीं पा रही थी खूब उछाल रही थी अपने चूतड़ों को |८ महीने में क्या बन गई अंजना मै सोच भी नहीं सकता था | मनीष बोला बॉस से चुदवाओगी तो बड़ा फायदा होगा सैलरी बढ़ जाएगी छुट्टी आसानी से मिल जाये गी | आह आह आह की आवाज निकलते हुए अंजना ने कुछ नहीं बोला बस चुदती रही और एक बार फिर से चुत से रस की बरसात हो गई अंजना गिर कर मनीष को बेतहासा चूमने लगी | मनीष थोड़ीदेर तक नीचे से ही धक्के पे धक्के मारता रहा फिर वैसे ही अंजना को नीचे करके टंगे फैलाके जबरजस्त धक्के मारने लगा अंजना का पूरा बदन हर धक्के पर उछल जाता था | अब शायद मनीष झड़ना चाहता था क्यू की वो स्पीड बढ़ाता ही जा रहा था |

अंजना के गर्दन के हाथ रख के होठो को चूसते हुए १०,१५ धका धक् धक्के लगाने के बाद पूरा लन्ड अंदर करके अंजना को पूरा भींच लिया और हलके हलके झटके लेने लगा और अंदर मॉल निकालने लगा फिर मनीष ने लन्ड बाहर निकला | अंजना के चुत से सफ़ेद सफ़ेद वीर्य निकल के नीचे गिर रहा था | मनीष आज तुमने जबरजस्त चोदा मुझे और मनीष से लिपट गई| मनीष बोला इसी लिए तो मै कह रहा था स्पेशल पार्टी दूंगा | फिर बात करते करते दोनों सो गए| मुझे भी नींद आगे उस समय २ बज रहा था | अचानक मेरी नींद खुली समय था ४ बजे |

लेकिन अंदर तो भूचाल आया हुआ था मनीष अंजना की घोड़ी बना कर जबरजस्त चोद रहा था साथ ही बोल भी रहा था अंजना मेरी रानी ये चुत मेरी है इसमें से मेरा बच्चा जरूर निकालना मै तुम्हे तबतक चोदता रहूँगा जब तक तुम माँ न बन जाओ | है मेरे राजा चोदो और चोदो बॉस से भी चुदवा लुंगी तुम दोनों मुझे चोदना आह आह आह | ये सब बातें और चुदाई चलती रही इस बार दोनों एकसाथ झड़ गए और बिस्तर पे गिर गए | मनीष का लन्ड बाहर आ गया लेकिन अभी भी खड़ा था | अब सुबह होने वाली थी इसलिए मै उठा और चला गया |

इतनी जबरजस्त चुदाई देख कर मेरा लन्ड भी २ बार झड़ चूका था |२ घंटे बाद मै घर आया तो सब नार्मल था चादर बदल गई थी और अंजना सो रही थी | मनीष बॉलकनी में ब्रश कर रहा था मुझे गुड मॉर्निंग करने के बाद बोला आओ चाय पीते है भाभी को सोने दो |मै ऊपर मनीष के साथ चाय पीने लगा.

कहानी कैसी लगी बिस्तार से बताइयेगा | मेरा mail id है raj67003@gmail.com. मै कोई राइटर नहीं हु अपने जीवन के अनुभव ही आप लोगो से साझा करता हु| मेरे ख्याल से काफी लोगो के साथ आयी अनुभव होंगे अगर वो ध्यान से देखे तो. फिर मिलूंगा एक और अनुभव अपनी बड़ी बहन के बारे में | धन्यवाद |

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