बीवी को चोदकर खुश किया।

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मेरी शादी हुए एक साल हो गया था.लेकिन मुझमे और मेरी बीवी के बीच मे रिलेशन ईतना स्ट्राॅग नही हुआ था।वोह हमेशा मायुस और मुझसे नाराज रहती थी।वोह हमारी शादीशुदा ज़िंदगी मे खामिया निकालती रहती।मै उसे बहोत खुश रखने कि कौशीश करता लेकिन हरबार मै असफल ही रहता।मै जब भी उसको सेक्स ऑफर करता वोह नाराज हो ज्याती।उसको खुश करते करते मेरा लवडा झडने लग गया था।मै अपनी तंदरुस्ती बनाये रखने के लिए बहोत प्रयास करता था लेकिन मेरी बीवी कि वासना ईतनी गहरी थी कि वोह रोज मुझसे सेक्स करवाना पसंद करती थी।उसका यौवन एक स्वर्ग आई अप्सरा कि तराह खिला हुआ था।मै भी उसे बहोत चोदता दिन रात चोदता मुझे चुदाई मे जो मजा आया वोह मजा और किसी चीज मे नही आया।हमने पहली बार सेक्स किया था जब हमारी शादी हुई थी।तब मेरी बीवी 18 साल कि थी और मै 22 साल का था।मै अपनी बीवी दोनो मिलकर खेत मे भैंसे संभालते थे।और पुरा दिन हमारे माॅ बाबुजी हमारे साथ रहते थे।उनकी मौजूदगी मे हम दोनो सेक्स नही कर सकते थे।ईसलिए मै अपनी बीवी को शहर घुमाने ले गया और शहर के बाजारो मे घुमा फिराकर उसे नए कपडे देकर और फिर बढिया होटल मे खाना खिलाकर उसी होटल कि एक रूम बुक कर ली।फिर उस रुम मे हम दोनो सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगे और मेरी बीवी को मै चिपक कर बैठा।उसकी ऑखो मे ऑखे डालकर मै उसे देखने लगा।उसका बरताव कुछ अजीबसा हो गया था।उसकी ऑखो मे मै हवस देख रहा था।फिर भी कुछ देर तक हम नैन मटका करते बैठै। कुछ घंटो बाद हम हाॅटेल के बेड पर जाकर एक दुसरे से लिपटकर सौ गए।फिर मैने अपना हाथ उसकी छाती पर से फिराया और उसके स्तनो को दबाने लग गया।उसके स्तन तो बडे कडे थे।मै अपनी अपनी पुरी ताकद लगाकर उसे दबा रहा था।और वोह आहह आहहह करके मुझे और उकसा रही थी।आज न जाने क्या होने जा रहा था।हम मिया बिवी मिलकर सेक्स कर रहे थे ।यह एक अजीब सा एहसास मन को बडी तसल्ली दे रहा था।फिर मैने उसकी साडी उपर उठाना शुरू किया।वैसै उसकी गोरी गोरी टांगे दिखने लगी।फिर मैने उसकी सारी साडी उपर उठा ली और उसकी चुत मुझे दिखने लगी।बडी उभरी हुई चुत थी उसकी वाहहह मजा आ रहा था ऐसी बढीया चुत पाकर मेरे तो भाग्य खुल गये।
फिर मेरी बिवी शर्माकर पलट गई तो उसकी गोरी चिटी गांड मुझे दिखी आहाहाहा क्या मस्त लग रही थी उसकी गांड।मन कर रहा पुरा दिन उसकी गांड ही मारता बैठू।फिर मैने उसकी साडी उतार दी और उसे पुरा नंगा कर दिया।फिर मैनै अपने कपडे उतार दिये और मै खुद भी पुरा नंगा हो गया।अब हम दोनो मिया बीवी नंगे हो गये और अपनी हवस कि कामना लिए एक दुसरे कि बाहो मे समेट गये।फिर बीवी लिपटे लिपटे ही मैनै उसकी चुत मे उंगली करना शुरू किया वैसै वोह शर्मा ज्याती।उंगली उसके चुत मे जाकर गीली हो गई थी।उसकी चुत का रस मेरी उंगलियोंको भिगा रहा था ।फिर मैने अपनी उंगलियां निकाली और उसके मुंह मे डाल डी।उसके होंठो को सहलाते हुअ मैनी अपनी उंगलीया उसके मुंह मे थमा दी।वोह एक बच्ची कि तराह मेरी उंगलियां चाटती रह गई।अपनी चुत के रस का रसपान कर उसे महान अनुभूति हो रही थी।रस का चटका पटका स्वाद लेकर उसके मन के सारे हार्मोन्स खोल पडे थे और उसकी खुशी का कोई ठिकाना नही रहा था।उसने फिर मेरी उंगलीया अपनी चुत मे सरका दी और फिरसे मुझे उंगली करने को कहा।मैनै भी जोरो शोरो से उंगलियाँ उसकी चुत मे डालना जारी रखा।मेरी बीवी को बडा मजा आ रहा था।वोह अपनी चरम सीमा पर थी।
फिर मैने उसको बेड पर उलटा लेटाया और उसकी गांड पर जोरो से मर्दन करने लग गया।उसकी गांड का गोरा रंग मेरा पुरा हो उडा ले गई।फिर मैने उसके गांड के द्वार खोलने के उसकी पहाडो जैसी गांड को जोर से दबाकर अलग किया वैसै ही उसकी गांड का लाल द्वार मुझे दिखने लगा।उत्तेजित होकर मैने उसके गांड पर जोर से तमाचा मारा उसकी गांड के पहाड लालम लाल हो गये।फिर मैने अपना मोटा सा लंड हाथ मे पकडकर उसके गुद्वार मे डालना शुरू किया मैने अपने दोनो हाथ उसकी गांड के पहाडो पर रखा और अपना लंड उसकी गांड मे सरकाना शुरू किया।उसकी तो आहह निकलने लगी।वाहह क्या हसीन मंजर बन गया था।आज सारा जहां मेरे लंड के निचे सो गया था।फिर मैने पुरे जोश से उसकी गांड मारना पसंद किया वाह क्या लजवाब चुदाई कर रहे थे हम दोनो।हमारा जिस्म एकाध जलती चिंगारी कि तराह गर्म हो गया था।मैने अपने पुरे होशो हवास मे रहकर उसकी गांड मारना जारी रख रहा था।लेकिन मेरी बीवी थकान महसुष करने लगी।फिर उसने अंगडाई बदली और अपनी टांगे उठाकर मुझे चुत दिखाने लगी।अब उसकी गोरी चिटी चुत देखकर उसे मारने को मन कर रहा था।फिर मैने उसकी टांगो को बेडपर सीधाकर एक दुसरे से चिपकाकर रखे।अब उसकी चुत मुझे दिख नही रही थी।फिर मैने अपनी बाहे उसकी कांधो तक फैलाई और अपना हाथ उसकी कांधो के थोडा निचे रखकर अपना लंड उसकी टाईट हुई चुत मे सरकाना शुरू किया।उसकी एकदम फिटम फिट बनी चुत मे अपना लंड सरकाने मे जो मजा आया।उसने मेरे बदन मे आग लगा दिया।अब मुझसे रोका नही जा रहा था।
उसकी चुत का गरम लावा मुझे और जोरो से चोदने के लिए उकसा रहा था।फिर मैने अपने साथ लाया हुआ Hammer thor कि गोलियों का पाॅकेट खोला उसमे से 10-15 गोलीया निकाली और बोवी को चोदते चोदते सभी गोलीया निगल गया।कुछ मिनटो बाद मुझे अदभुत पाॅवर का अहसास होने लगा मेरे जिस्म मे जोश भर गया और मै उसे खुब चोदने लग गया।मेरा चुदाई का स्पीड भी पहले से कई ज्यादा बढ गया था।मै चाहुं तो भी मै अपने आपको चोदने से रोक नही पा रहा था।ऐसी मनमोहक हालात मे मैने उसे जोरो शोरो से चोदना शुरू रखा मेरी बीवी बस निचे पडे पडे ओहहह नो ओहहह नो करने लगी।तब मुझे एहसास हुआ कि उसके हवस कि आग शमने लगी।
अब मैने चुदाई का स्पीड और तेज कर दिया और अपनी पुरी ताकद से उसके साथ सेक्स करने लगा।बहोत बढिया लग रहा है…और करो जी…पुरे जोश से करो जी…चोदो…और चोदो…मेरी बीवी ऐसा कहने लगी।और क्या बताऊ बस्स मै उसे ही मॅन कि तराह चोदता रहा.उसकी चुत का पाणी मेरे लंड पर लग चुका था।उसकी चुत से भी आवाजे निकल रही थी।सारा मंजर गजब ढा रहा था।आज हम दोनो हुस्न ए शबाब पी रहे थे।आपस मे लढ रहे थे जवानी की स्फोटक चुदाई कर रहे थे।फिर मेरा लंड अपनी चरम सीमा पर पोहचा और अपना स्पर्म छोडने ही वाला था कि मैने लंड को चुत से बाहर निकाला और मुठ मारते हुअ अपने स्पर्म को उसके स्तनो पर स्प्रेड कर दिया।गजब कि चुदाई हो गई।

और ईसतराह मैनै अपनी मायुस बीवी को घर से बाहर ले जाकर होटल मे खिला पिलाकर उसकी चुदाई कि और उसकी अंतरवासना को अदभुत चुदाई का अनुभव कराया।

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